किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रूपए तक की आदान सहायता
उत्तर बस्तर कांकेर, 22 जून 2026/ छत्तीसगढ़ में अधिकांश कृषि वर्षा पर आधारित होने के कारण किसानों को मौसम की अनिश्चितताओं और कृषि आदानों की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने हेतु योजना को नए स्वरूप में लागू किया गया है।
राज्य शासन ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित कृषक उन्नति योजना के नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो खरीफ वर्ष 2026 से प्रभावी होगी। योजना के नवीन स्वरूप के अंतर्गत फसल विविधीकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत विगत खरीफ में धान की खेती करने वाले ऐसे किसान, जो आगामी खरीफ में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों का उत्पादन करेंगे, उन्हें आदान सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा। कृषक उन्नति योजना के नवीन दिशा-निर्देशों से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा छत्तीसगढ़ की कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं आधुनिक बनेगी।
योजना के प्रमुख उद्देश्य:-
फसल क्षेत्र, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना।
खेती की लागत कम कर किसानों की आय एवं सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार करना।
उन्नत बीज, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन तथा कृषि यंत्रीकरण सहित नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहित करना।
बाजारोन्मुखी फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना।
पात्रता:-
योजना का लाभ केवल एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक में पंजीकृत किसानों को मिलेगा। विधिक संस्थाएं, ट्रस्ट, मंडल, निजी कंपनियां, शाला विकास समितियां, शासकीय संस्थान एवं महाविद्यालय आदि योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
सहायता राशि:-
विगत खरीफ में धान की खेती करने वाले एवं आगामी खरीफ में धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पूर्व से ही दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। योजना के अंतर्गत सहायता राशि किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।



