
कांकेर। 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र की हत्या कर देश मे आपातकाल लगाने का पाप कर जनता के नागरिक अधिकारों का दमन करने वाली कांग्रेस पार्टी और तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी के दमनकारी चरित्र को जनता के बीच उजागर करने के उद्देश्य से आज शहर के पुराने बस स्टैंड में आपातकाल एक काला अध्याय विषय पर चित्र प्रदर्शनी लगाई गई ।
प्रदर्शनी का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन, विधायक आशाराम नेताम व नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने किया ।
प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान कांग्रेसी प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी द्वारा किस प्रकार से देश मे आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या की गई, मनमाने संविधान संशोधन किया गया, आम जनता, राजनीतिज्ञों, पत्रकारों को किस प्रकार से प्रताड़ित किया गया उसे चित्रों के माध्यम से बताया गया ।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन ने कहा कि सन 1975 को लगाई गई आपातकाल को 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं । भाजपा आज के दिन भारतीय लोकतंत्र की हत्या का सबसे काला दिवस के रूप में मनाती आई है। आपतकाल का दंश आज भी हमारे मन में शूल की तरह चुभता है ।
श्री जैन ने आगे कहा कि आपतकाल भारतीय लोकतंत्र के में एक स्याह धब्बे की तरह है । जिसे याद करके तात्कालिक कांग्रेस सरकार का विरोध करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की रूह तक कांप जाती है कब किसको कहां से उठा के जेलों में भर दिया जाएगा इसका कोई मापदंड नहीं था ।देश भर में लाखों लोगों को जेलों में भर दिया गया देश एक अघोषित खुली जेल बना दिया गया आपातकाल कांग्रेस के दामन में लगा वह दाग है जिसे कांग्रेस कभी धो नहीं सकती
विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि आपतकाल के 21 महीने देश में भय आतंक , व्यक्तिवादी विचारधारा और अलोकतांत्रिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया ।
जब 25 जून को आपातकाल की घोषणा हुई तब समस्त सामाजिक ,गैर सरकारी और पत्रकारों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई ।लोकतंत्र की हत्या के लिए देश में तानाशाही हावी हो गई ।उसका मुख्य कारण तात्कालिक नेता राजनारायण जी द्वारा दायर याचिका थी । जिसके आधार पर इंदिरा गांधी को 6 वर्ष के लिए चुनाव हेतु अपात्र घोषित कर दिया ।
श्री नेताम ने कहा कि इस आपातकाल के दौरान राजनारायण सहित विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को ‘मीसा’ (MISA) कानून के तहत जेल में डाल दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप 21 महीने बाद 1977 में जब आपातकाल समाप्त हुआ और चुनाव हुए, तब राजनारायण ने ही रायबरेली में इंदिरा गांधी को भारी मतों से करारी शिकस्त दी । आपतकाल इस बात का गवाह है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से अकर्मण्य कारी नीतियों और तानाशाही तरीके से सत्ता चलाते आई । कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं ने सत्ता की लोलुपता में देश के लोकतंत्र का दमन कर दिया । हमने आपातकाल की यातनाएं झेली है और ऐसे सैकड़ों परिवारों के परिवार आपतकाल के समय तबाह हो गए । हम आपातकाल की यातनाएं झेलने वाले व्यक्तियों और परिवारों के साथ खड़े थे और सदैव खड़े रहेंगे ।
इस अवसर पर टेकेश्वर जैन, सुमित्रा मारकोले, दिलीप जायसवाल, अरविंद जैन, राजा देवनानी, अनिता सोनी, बृजमोहन तिवारी, राजीव लोचन सिंह, दीपक खटवानी, विजय लक्ष्मी कौशिक, गिरधर यादव, जयंत अठभेया, वीरू साहू, धर्मेंद्र ठाकुर, शैलेंद्र सोरी, पप्पू मोटवानी, विजय लखवानी आदि उपस्थित रहे ।



