
उत्तर बस्तर कांकेर, भारत सरकार एवं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के निर्देशानुसार कांकेर जिले में निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों के मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर शिक्षा विभाग के समन्वय से जिले के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पात्र विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट का कार्य किया जाएगा।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यूआईडीएआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार 05 से 07 वर्ष की आयु के बच्चों का प्रथम तथा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों का द्वितीय मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों के फिंगरप्रिंट, आईरिस (नेत्र पुतली) तथा नवीनतम फोटोग्राफ का अद्यतन किया जाता है, जिससे आधार की प्रमाणिकता बनी रहे और भविष्य में आधार आधारित प्रमाणीकरण संबंधी सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।
शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे सभी विद्यालयों की पहचान की गई है, जहां पात्र विद्यार्थियों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इन विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार करने, पालकों को समय पर सूचना देने तथा निर्धारित तिथि पर विद्यार्थियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विद्यालय में इस अभियान के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, जो निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान को मूर्त रूप देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद ने सभी पालकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के आधार की स्थिति की जांच करें और यदि मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है तो विद्यालय में आयोजित विशेष शिविर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर यह प्रक्रिया अवश्य पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर आधार अपडेट नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में आधार आधारित प्रमाणीकरण, छात्रवृत्ति, परीक्षा पंजीयन, शासकीय योजनाओं के लाभ तथा अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। डीएमसी नवनीत पटेल ने बताया कि यह अभियान जिले के प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का आधार अद्यतन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।



