अभिभावको को बनी रहती है चिंता
आज हम एक ऐसी समस्या की बात कर रहे हैं जो बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी है। मस्तूरी क्षेत्र के सरकारी डी ए वी पब्लिक स्कूल वेद परसदा की है। स्कूल में आज भी बाउंड्री वॉल नहीं है। इसकी वजह से स्कूल परिसर पूरी तरह खुला रहता है, जिससे बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बाउंड्री बाल की समस्या को लेकर स्कूल प्रबंधन द्वारा स्थानीय विधायक दिलीप लहरिया मस्तूरी एसडीएम जिला कलेक्टर तथा विभागीय अधिकारी से समस्या को लेकर मांग की गई लेकिन समस्या आज भी बनी हुई है।बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा पशु और बाहरी लोग आसानी से स्कूल परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है और बच्चों का ध्यान भटकता है। कई बार छोटे बच्चे खेलते-खेलते सड़क की ओर निकल जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्कूल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। क्योंकि कुछ माह पहले किसी शरारती तत्वों द्वारा स्कूल में लगे सीसी कैमरे को दो बार तोड़ दिया गया था जिसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन द्वारा किया गया था। इसी प्रकार अन्य समस्या बनी रहती है।
स्कूल प्रबंधन द्वारा नाइट गार्ड का व्यवस्था किया गया था लेकिन बाउंड्री बॉल नहीं होने के कारण नाइट गार्ड नौकरी ही छोड़ कर चले जाते हैं।
अभिभावकों की भी यही चिंता रहती है कि उनके बच्चे स्कूल में सुरक्षित रहें। एक सुरक्षित और शांत वातावरण ही बच्चों के बेहतर शैक्षणिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। इसलिए संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और स्कूल की बाउंड्री वॉल का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाना चाहिए।
*बेजा कब्जा से हो रही परेशानी*
डीएवी स्कूल के जमीन पर ग्रामीणों द्वारा अवैद्य बेजा कब्जा किया जा रहा है जिसकी शिकायत भी स्कूल प्रबंधन द्वारा किया गया था। और मस्तूरी तहसील में लिखित सीमांकन के लिए आवेदन दिया गया था लेकिन उसमें भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक दिलीप लहरिया से जानकारी लेने के लिए 5 बार फोन लगाया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।



