
उत्तर बस्तर कांकेर, खरीफ सीजन में जिले के कृषकों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने व कालाबजारी पर अंकुष लगाने के उद्देष्य से कृषि विभाग की जिला स्तरीय टीम द्वारा विकासखंड कोयलीबेड़ा के परलकोट (पखांजूर) में स्थापित कृषि आदान विक्रय केन्द्रों में सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा परलकोट क्षेत्र (पखांजूर) अन्तर्गत संयुक्त रूप से बीज, उर्वरक एवं कीटनाषक से संबंधित भंडारण, विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, मूल्य सूची, लाईसेंस एवं स्रोत प्रमाण-पत्र का पृष्ठांकन नहीं किए जाने पर उर्वरक के 13 विक्रय केन्द्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया, जिसमें मेसर्स देवनाथ एजेंसी, बैरागी कृषि केन्द्र, मंडल खाद विक्रय केन्द्र, मंडल खाद विक्रय केन्द्र, मिस्त्री कृषि केन्द्र, पूनम कृषि केन्द्र, सरदार कृषि केन्द्र, देव कृषि केन्द, तरफदार कृषि केन्द्र, प्रिया कृषि केन्द्र, दिलीप कृषि केन्द्र, सरकार कृषि केन्द्र एवं संजु कृषि केन्द्र पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। इसके अलावा बीज के 05 विक्रय केन्द्र मेसर्स मिस्त्री कृषि केन्द्र, तरफदार कृषि केन्द्र, एन.के. कृषि केन्द्र, आशा कृषि केन्द्र एवं मिस्त्री कृषि केन्द्र छोटेबेठिया एवं कीटनाषक के 02 विक्रय केन्द्र मेसर्स मंडल खाद विक्रय केन्द्र एवं मिस्त्री कृषि केन्द्र पर विक्रय प्रतिबंध एवं कारण बताओ नोटिस जारी की गई। निरीक्षण टीम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री एल.के.नाग, सहायक संचालक कृषि श्री नरसिंह ध्रुव एवं श्री हरीष कुमार नेताम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री नवलू राम नेताम, अनिमेष गावड़े, श्री राजकुमार सिन्हा, श्री संदीप जैन, कृषि विकास अधिकारी श्री ईष्वरचन्द्र देवांगन द्वारा संयुक्त रूप से विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को उर्वरक (नियंत्रण) आदेष, बीज अधिनियम, कीटनाषी अधिनियम एवं लागू नियमों का पूर्णतः पालन करने कहा है। नियमों के उल्लंघन के स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है, कि वे कृषि आदान केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदे, खरीद के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दिया जावे।



