लैलूंगा.,छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की विधायक विद्यावती सिदार ने लैलूंगा नगर के मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मुख्य सड़क पर स्थित शराब दुकान के कारण प्रतिदिन स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक विद्यावती सिदार ने सदन में कहा कि जिस मार्ग पर शराब दुकान संचालित हो रही है, उसी रास्ते से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे प्रतिदिन आवागमन करते हैं। शराब दुकान के आसपास लोगों की भीड़, नशे में धुत व्यक्तियों की आवाजाही के आवागमन होता है बाधित
शराब दुकान के अगल-बगल संचालित हो रहे बिरियानी सेंटर एवं चखना सेंटरों में शराबियों का लगता है ताता
शराब दुकान के चलते अव्यवस्थित माहौल के कारण बच्चों और अभिभावकों में भय का वातावरण बना रहता है। उन्होंने कहा कि स्कूल कॉलेज के रास्ते मे संचालित शराब दुकान के कारण आसपास के वातावरण.से बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि जनहित और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य मार्ग से शराब दुकान को तत्काल हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। विधायक ने कहा कि नगर के नागरिक, अभिभावक और विभिन्न सामाजिक संगठन भी लंबे समय से इस शराब दुकान को हटाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए विधायक ने सरकार से पूछा कि क्या संबंधित विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया गया है तथा शराब दुकान को स्थानांतरित करने के संबंध में कोई निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल राजस्व के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
विधायक विद्यावती सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेगी।
विधानसभा में यह मामला उठने के बाद लैलूंगा क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शराब दुकान को मुख्य मार्ग से हटाया जाता है तो इससे विद्यार्थियों, महिलाओं तथा आम नागरिकों को राहत मिलेगी और क्षेत्र में सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।



