कैंचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश से लबालब हुआ राजीव गांधी खुड़िया जलाशय, वेस्ट वेयर से 1 फीट से अधिक पानी की निकासी,
अन्य बांधों में भी बढ़ा जलस्तर, सिंचाई और खरीफ फसलों के लिए राहत की खबर, प्रशासन अलर्ट,

मुंगेली।- मुंगेली जिले की जीवनरेखा और लोरमी क्षेत्र के सबसे बड़े सिंचाई स्रोत राजीव गांधी खुड़िया जलाशय में लगातार हो रही बारिश के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कैंचमेंट क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही अच्छी बारिश के कारण जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता तक भर गया है और शुक्रवार शाम तक वेस्ट वेयर (स्पिलवे) से करीब 1 फीट 2 इंच से अधिक पानी बहने लगा। पानी की आवक लगातार जारी रहने से निकासी का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए मनियारी नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही नहीं करने, बच्चों को नदी के पास न जाने देने तथा किसी भी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
✍️पर्यटकों के लिए आकर्षण, किसानों के लिए वरदान,
खुड़िया जलाशय का वेस्ट वेयर इन दिनों प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर रहा है। बड़ी मात्रा में बहता पानी देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
दूसरी ओर किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले कई दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े थे। धान की बोआई और रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा था। कई किसानों की नर्सरी भी पर्याप्त पानी के अभाव में कमजोर पड़ रही थी। गुरुवार-शुक्रवार की बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने लगी है, जिससे खरीफ सीजन के कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
✍️मानसून की सुस्ती के बीच राहत,
इस वर्ष मौसम विभाग ने सामान्य से कमजोर मानसून की संभावना जताई थी। आषाढ़ माह के अधिकांश दिनों में बारिश का अभाव भी देखने को मिला। इक्का-दुक्का बारिश को छोड़ दें तो क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई थी, जिससे किसान चिंतित थे। लेकिन पिछले 24 घंटों में हुई अच्छी बारिश ने हालात बदल दिए हैं। अब खेतों में पानी भरने लगा है और सिंचाई परियोजनाओं में भी जलभराव बढ़ रहा है।
✍️अन्य जलाशयों में भी बढ़ने लगी पानी की आवक,
लोरमी सिंचाई उपसंभाग के अंतर्गत आने वाले मध्यम एवं लघु जलाशयों में भी अब बारिश का पानी पहुंचने लगा है। इससे आने वाले दिनों में सिंचाई व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। यदि आगामी सप्ताह में भी इसी प्रकार बारिश जारी रही तो खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा और भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
✍️152 मिलियन घनमीटर से अधिक जल संग्रहण क्षमता,
राजीव गांधी खुड़िया जलाशय लोरमी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 25 वर्ग किलोमीटर के जलग्रहण क्षेत्र वाले इस बांध में 152 मिलियन घनमीटर से अधिक पानी संग्रहित करने की क्षमता है। लगातार वर्षा के कारण जलाशय अपनी क्षमता तक भर चुका है और अतिरिक्त पानी वेस्ट वेयर से छोड़ा जा रहा है।
✍️रोपाई कार्य में आएगी तेजी,
बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। जिन किसानों ने पहले ही धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, वे अब रोपाई कार्य शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं जिन किसानों के पास ट्यूबवेल की सुविधा है, उनके लिए भी खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध होने से रोपाई आसान हो जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का क्रम बना रहा तो इस वर्ष धान उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
✍️प्रशासन की अपील,
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वेस्ट वेयर, नदी और जलाशय के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को दें।
बारिश की यह सौगात न केवल खुड़िया जलाशय को लबालब कर गई है, बल्कि किसानों की उम्मीदों को भी नई ऊर्जा दे गई है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों में मानसून की अगली बारिश पर टिकी हैं, जो खरीफ सीजन की सफलता तय करेगी।
“दैनिक किरणदूत न्यूज़ लगातार क्षेत्र के जलाशयों, सिंचाई व्यवस्था, किसानों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक तैयारियों पर नजर बनाए हुए है। यदि कहीं जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति या सिंचाई से संबंधित कोई समस्या सामने आती है, तो हमारी टीम तथ्यों के साथ उसे प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाती रहेगी, ताकि आमजन समय रहते सतर्क रह सकें और संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई कर सके।”



