
रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा.
लैलूंगा। नगर के शहरी क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को आबादी वाले इलाके से हटाने की मांग को लेकर शनिवार सुबह लगभग 10 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में छात्रों ने जोरदार चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और आंदोलनकारियों से चर्चा शुरू की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
छात्रों का कहना था कि नगर के बीचों-बीच शराब दुकान संचालित होने से प्रतिदिन महिलाओं, छात्राओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। दुकान के आसपास शराबियों की आवाजाही से सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है और लोगों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। कई बार स्थानीय लोगों द्वारा इस संबंध में शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी कारण छात्रों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आंदोलन की सूचना मिलने के बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से विस्तृत चर्चा कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना।
चर्चा के दौरान आबकारी विभाग एवं एसडीएम ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि एक माह के भीतर वर्तमान शहरी क्षेत्र से शराब दुकान को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि शराब दुकान के लिए वैकल्पिक स्थान के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र स्थानांतरण की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के स्पष्ट आश्वासन के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों एवं छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और चक्का जाम खोल दिया, जिसके बाद यातायात पुनः सामान्य हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि नगर के हित में जनभावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाना था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित एक माह की समय-सीमा में शराब दुकान का स्थानांतरण नहीं किया गया तो छात्र संगठन स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर पुनः उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आश्वासन पर समयबद्ध कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने वादे के अनुसार निर्धारित अवधि में शराब दुकान को शहर से बाहर स्थानांतरित कर पाता है या नहीं।



