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पति के शराबखोरी और जमीन मुआवजे की रकम को उडाने से नाराज पत्नी ने की हत्या कर अपराध को आत्महत्या का रूप देने की साजिश नाकाम

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🚨 पूंजीपथरा पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल
🚨 पत्नी और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालक गिरफ्तार, हत्या के बाद ब्लेड से कलाई काटकर रची थी       आत्महत्या की कहानी
🚨 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस की त्वरित विवेचना से खुला                       सनसनीखेज हत्याकांड

रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में मिले 50 वर्षीय गनपती लाल भगत के शव के मामले में महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया। प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत प्रतीत होने वाले इस मामले में पुलिस ने गहन विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए मृतक की पत्नी तथा दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। मामला मृतक के शराबखोरी और जमीन मुआवजा में मिले रकम को लगातार शराब में खर्च करने को लेकर सामने आया है ।

जानकारी अनुसार दिनांक 25 जुलाई 2026 को मृतक के दामाद सोनसाय उरांव (27 साल) ने थाना पूंजीपथरा में सूचना दी कि उसके ससुर गनपती लाल भगत (50 साल) का शव किराए के कमरे में तख्त पर पड़ा है। शव के गले में साड़ी जैसा कपड़ा बंधा था तथा बाएं हाथ की कलाई पर कटने के निशान थे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की तथा पोस्टमार्टम कराया। घटनास्थल और परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिस पर पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर गहन जांच शुरू की। मृतक के शर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी हत्या की पुष्टि हुई।

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जांच के दौरान पुलिस को मृतक के परिवार पर संदेह हुआ। मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत से सघन पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि करीब एक साल पहले पैत्रिक जमीन गारे पेलमा माइंस में अधिग्रहण होने पर बटवारे में 25-30 साल रूपये इसके पति को बटवारे में मिला था जिसे धीरे-धीरे का शराब में उठा रहा था, मांगने पर विवाद करता था । 23 जुलाई 2026 की सुबह गनपती लाल भगत शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी तथा बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। वर्षों से घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और गारे-पेलमा कंपनी में मुआवजा रकम को लगातार निकाल कर उठा रहा था जिससे परेशान होकर गुस्से में गंगाबाई तथा दो अन्य आरोपित ने मिलकर साड़ी और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने और घटना को आत्महत्या दर्शाने के उद्देश्य से ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई की नस काटी गई तथा उस पर कपड़ा ढंक दिया गया।

पूछताछ में मिले तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपिया गंगाबाई भगत (45 वर्ष) एवं दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों के विरुद्ध धारा 103(1), 238 एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में इस अंधे कत्ल के सफल खुलासे में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा एवं थाना पूंजीपथरा की पुलिस टीम की सूझबूझ, वैज्ञानिक विवेचना और सतत पूछताछ की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही जिसमें एएसआई उमाशंकर विश्वाल, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, आरक्षक विनोद शर्मा, नरेन्द्र पैंकरा, विक्रम कुजूर, सुरेन्द्र यादव, चन्द्रशेखर चन्द्राकर, महिला आरक्षक संगीता भगत, सुमन राठिया की अहम भूमिका रही है ।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश

“हर संदिग्ध मृत्यु की रायगढ़ पुलिस वैज्ञानिक और तथ्यपरक तरीके से जांच करती है। अपराधी कानून से बच नहीं सकता। इस मामले में पुलिस टीम ने सूक्ष्म विवेचना, साक्ष्यों के विश्लेषण और प्रभावी पूछताछ से हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया।”

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