लगातार अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं विभागीय जांच में दोषी सहायक आरक्षक सेवा से बर्खास्त।
पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा के निर्देशन में पुलिस विभाग में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं जवाबदेही बनाए रखने हेतु सख्त कार्रवाई करते हुए थाना कोयलीबेड़ा में पदस्थ सहायक आरक्षक क्रमांक-136 झिरटी राम दुग्गा को विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर सेवा से पृथक कर दिया गया है।
सहायक आरक्षक झिरटी राम दुग्गा दिनांक 05.07.2024 से बिना किसी सूचना अथवा स्वीकृति के लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित था। मामले की प्रारंभिक जांच थाना स्तर पर कराई गई, जिसमें आरोप प्रमाणित पाए जाने पर विभागीय जांच आदेशित की गई। विभागीय जांच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, अंतागढ़ द्वारा संपादित की गई।
जांच में यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित कर्मचारी 05.07.2024 से लगातार अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहा। इसके अतिरिक्त उसके पूर्व सेवा काल में भी शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के कारण 08 अवसरों पर विभागीय दंड दिया जा चुका था तथा 16 अवसरों पर कुल 1024 दिवस की अनाधिकृत अनुपस्थिति का निराकरण “काम नहीं, वेतन नहीं” के सिद्धांत के तहत किया गया था।
बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारी के आचरण में कोई सुधार नहीं आया तथा उसने विभागीय नियमों के विपरीत आचरण जारी रखा। गंभीर कदाचार एवं आरोप प्रमाणित होने पर विभागीय नियमों के तहत दिनांक 28.07.2026 को सहायक आरक्षक झिरटी राम दुग्गा को सेवा से पृथक कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा ने कहा कि कांकेर पुलिस में अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।



