Home Blog खुंडिया में कांवड़िया प्रतीक्षालय का निरीक्षण, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

खुंडिया में कांवड़िया प्रतीक्षालय का निरीक्षण, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

मुंगेली / लोरमी- सावन माह में कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुंगेली जिले के खुंडिया में नव-निर्मित कांवड़िया प्रतीक्षालय भवन का उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा गृह मंत्री Vijay Sharma ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही कानून व्यवस्था, पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय राशि और विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

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सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के आगमन को देखते हुए खुंडिया में बनाए गए नए कांवड़िया प्रतीक्षालय भवन का निरीक्षण करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूरे सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम तथा डोंगरिया क्षेत्र में स्थित सात भवनों का जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है। वहीं भोरमदेव मंदिर परिसर के विकास के लिए लगभग 146 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बड़ी संख्या में आने वाले कांवड़ यात्रियों को स्कूलों और अन्य भवनों में ठहराया जाता था। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए लगभग 20 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण कराया गया है।

इस अवसर पर उन्होंने पंचायतों को मिलने वाली 16वें वित्त आयोग की राशि के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर पहली किस्त पंचायतों के खातों में पहुंच जाएगी। इस बार राज्य को पहले की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अधिक राशि प्राप्त हुई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार जनसंख्या को आधार बनाकर राशि का वितरण किया जाएगा। साथ ही बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने चिल्फी थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और सट्टे के कारोबार पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

हालांकि, इस पूरे मामले में कई विभागों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में दिखाई दी। करोड़ों रुपये की योजनाओं और बड़े-बड़े दावों के बावजूद आज भी कई गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल बैठकों और निरीक्षणों तक सीमित रह जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई योजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हुई हैं और विभागीय लापरवाही के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो फिर जनता तक उसका पूरा लाभ क्यों नहीं पहुंच पा रहा है।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक Bhojram Patel, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, लोरमी एसडीएम, जनपद पंचायत लोरमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

खुंडिया में कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं, लेकिन दूसरी ओर विभागीय लापरवाही और अधूरे विकास कार्य प्रशासनिक दावों की पोल भी खोल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देश केवल कागजों तक सीमित रहते हैं या फिर धरातल पर भी उनका असर दिखाई देता है। फिलहाल जनता की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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