शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को मिली वित्तीय प्रबंधन की व्यवहारिक सीख
कांकेर वित्तीय साक्षरता लैब पहुंचकर जागरूक बने हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थी
उत्तर बस्तर कांकेर विद्यार्थियों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने तथा बैंकिंग, बचत, निवेश, बीमा एवं डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला वित्तीय साक्षरता लैब कांकेर में हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।
कलेक्टर श्री नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर तथा जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद एवं डीएमसी नवनीत पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण में हायर सेकेंडरी स्कूल आतुरगांव, सेजेस हायर सेकेंडरी स्कूल पटौद तथा शहीद रामकुमार यादव कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कांकेर के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वित्तीय साक्षरता लैब में स्थापित विभिन्न शिक्षण मॉडल, डिजिटल प्रस्तुतीकरण एवं इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली, धन प्रबंधन और डिजिटल वित्तीय सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नियमित बचत की आदत विकसित करने, बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित उपयोग करने, बीमा एवं निवेश के महत्व तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली के लाभों के बारे में सरल एवं रोचक ढंग से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। सही वित्तीय निर्णय न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि भविष्य को भी मजबूत बनाते हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साइबर ठगी से बचाव, पासवर्ड के उपयोग, ओटीपी साझा नहीं करने तथा सुरक्षित डिजिटल भुगतान के उपायों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कई प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, बीमा योजनाओं एवं निवेश के विभिन्न विकल्पों के संबंध में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला प्रशासन की यह पहल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान करता है।
इससे उनमें वित्तीय अनुशासन, बचत की आदत और आधुनिक बैंकिंग प्रणाली की समझ विकसित होगा, जो भविष्य में उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थियों को कम उम्र से ही धन प्रबंधन, सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल भुगतान की जानकारी मिलने से वे आर्थिक रूप से अधिक जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में वित्तीय साक्षरता का संदेश पहुंचाने, नियमित बचत करने, सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने तथा डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने का संकल्प लिया।



