Home Blog स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठे...

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठे दिन भी जारी ….

0

रायगढ़।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर सामने आ गया है। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं आज हड़ताल का छठा दिन है और अवकाश के दिन भी इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पतालों के वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी सहित विभिन्न विभागों में रोजाना 16 से 18 घंटे तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें महज 15,900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो उनके लंबे कार्य घंटे, जिम्मेदारियों और मेहनत के मुकाबले बेहद नगण्य है।

Ro.No - 13954/39

उनका कहना है कि पड़ोसी राज्यों सहित देश के कई अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को 30 से 40 हजार रुपये तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में उन्हें काफी कम राशि मिल रही है। अपनी मांगों को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने अब केवल ज्ञापन और कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में बीते कल शाम इंटर्न डॉक्टरों ने अंबेडकर चौक से गांधी पुतला तक उग्र पदयात्रा निकाली। करीब दो से तीन किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर शामिल हुए। डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।

डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल से पहले भी उन्होंने चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को शासन के सामने रखा। इंटर्न डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वहीं प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर भी अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इधर, इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों पर भी पड़ रहा है।

अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों की सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इंटर्न डॉक्टरों ने दो टूक कहा है कि जब तक शासन द्वारा उनके स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं की जाती, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना होगा कि सरकार डॉक्टरों की मांग पर कब तक कोई ठोस फैसला लेती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here