नशा शारीरिक एवं मानसिक शक्ति को कमजोर करता हैं – शशिप्रभा
विद्यार्थियों के विचार, संस्कार और चरित्र ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं- शशिप्रभा
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त एवं सशक्त जीवन का संकल्प
प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चलाए जा रहे “10 करोड़ नशामुक्ति महा प्रतिज्ञा अभियान ” के अंतर्गत एरमसाही, मस्तूरी स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति एवं सकारात्मक जीवनशैली* को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी , राजयोग शिक्षिका एवं मोटिवेशनल स्पीकर ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक शक्ति को कमजोर करने के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा ने विद्यार्थियों को एकाग्रता बढ़ाने और मन को सशक्त बनाने के लिए राजयोग एवं सकारात्मक चिंतन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जब मन मजबूत और एकाग्र होता है, तो विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहकर जीवन में श्रेष्ठ सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि “ राष्ट्र का निर्माण केवल संसद में नहीं, बल्कि स्कूल की कक्षाओं में होता है।”* आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता हैं। इसलिए उनके विचार, संस्कार और चरित्र ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उमंग-उत्साह का संचार करते हुए उन्हें संकल्प कराया गया कि वे अपने जीवन में नशे जैसी किसी भी गलत आदत को स्थान नहीं देंगे। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं दिल से प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करेंगे।
विद्यार्थियों ने स्वस्थ, स्वच्छ एवं संस्कारवान भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लेते हुए कहा कि वे अपने श्रेष्ठ कर्मों एवं सकारात्मक विचारों के माध्यम से भारत को विश्व जगतगुरु के स्थान पर प्रतिष्ठित करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशामुक्त जीवन, एकाग्रता, आत्मबल, सकारात्मक सोच एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करना रहा।



