थाना बांदे, चारामा, आमाबेड़ा, भानुप्रतापपुर एवं कांकेर पुलिस द्वारा साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, UPI फ्रॉड एवं यातायात नियमों के संबंध में दी गई जानकारी।
ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील।
कार्यक्रम का विवरण
पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री निखिल राखेचा के निर्देशन में जिले में संचालित “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत दिनांक 24.08.2026 को विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
थाना बांदे एवं चारामा – बैंक ग्राहकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी
◽ थाना बांदे एवं चारामा पुलिस द्वारा विभिन्न बैंकों में पहुंचकर बैंक ग्राहकों एवं कर्मचारियों को UPI के सुरक्षित उपयोग एवं साइबर अपराध से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया।
◽ इस दौरान UPI के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी भुगतान अनुरोध, QR कोड के माध्यम से ठगी एवं संदिग्ध लिंक से होने वाले साइबर फ्रॉड के संबंध में समझाइश दी गई।
◽ बैंक ग्राहकों को विशेष रूप से बताया गया कि UPI PIN राशि भेजते समय दर्ज किया जाता है, राशि प्राप्त करने के लिए UPI PIN की आवश्यकता नहीं होती। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें तथा OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
थाना आमाबेड़ा एवं भानुप्रतापपुर – विद्यार्थियों को किया जागरूक
◽ थाना आमाबेड़ा क्षेत्र के शासकीय हाई/हायर सेकेंडरी स्कूल आमाबेड़ा एवं भानुप्रतापपुर क्षेत्र के हायर सेकेंडरी स्कूल घोठा में प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध एवं UPI फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
◽ साथ ही यातायात नियम, बाल श्रम, बाल विवाह, पीड़ित क्षतिपूर्ति, घरेलू हिंसा एवं नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया।
थाना कांकेर – एसटीएफ जवानों को साइबर एवं यातायात जागरूकता
◽ थाना कांकेर पुलिस द्वारा एसटीएफ जवानों को साइबर फ्रॉड एवं यातायात जागरूकता अभियान के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों तथा डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के संबंध में समझाइश दी गई।
📢 कांकेर पुलिस की अपील :-
उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं। तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा संबंधित बैंक को भी सूचना दें।
साइबर अपराध की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, ठगी की राशि को रोकने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।



