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बाघ के हमले से 21 वर्षीय युवक की मौत, साथ में गाय भी बनी शिकार

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मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13954/39
सावंतपुर जंगल में करील-पुटू लेने गया था युवक, साथियों से अलग होने के बाद हुआ हादसा; चीख और बाघ की आवाज सुनकर गांव लौटे साथी

मुंगेली/लोरमी। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के बफर जोन क्षेत्र स्थित सावंतपुर जंगल में सोमवार सुबह बाघ के हमले की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल में करील और पुटू लेने गए 21 वर्षीय युवक धरमजीत दास की बाघ के हमले में मौत होने की जानकारी सामने आई है। इसी घटना के दौरान एक गाय को भी बाघ द्वारा शिकार बनाए जाने की बात सामने आ रही है। एक ही क्षेत्र में युवक और मवेशी पर बाघ के हमले की सूचना के बाद सावंतपुर सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जंगल के अंदर घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। वन विभाग द्वारा घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा बाघ की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है। युवक के शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए सावंतपुर बेरियर की ओर लाया गया। पोस्टमार्टम सहित अन्य विभागीय प्रक्रिया के बाद ही घटना की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक रूप से स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

✍️ साथियों के साथ करील-पुटू लेने जंगल गया था युवक,

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बांधा निवासी धरमजीत दास (21 वर्ष), पिता राजेन्द्र घृतलहरे, सोमवार सुबह करीब 8 बजे अपने कुछ साथियों के साथ सावंतपुर जंगल की ओर गया था। बताया जा रहा है कि युवक और उसके साथी जंगल क्षेत्र में करील और पुटू की तलाश कर रहे थे।

जंगल के भीतर पहुंचने के बाद सभी युवक अलग-अलग दिशा में चले गए। इसी दौरान जंगल के एक हिस्से से अचानक धरमजीत के चीखने की आवाज उसके साथियों को सुनाई दी। बताया जा रहा है कि चीख के साथ ही बाघ की आवाज भी सुनाई दी। जंगल में बाघ की मौजूदगी का अंदेशा होते ही साथी युवक घबरा गए।

साथियों ने धरमजीत को आवाज देकर पुकारने का प्रयास किया, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बाघ की आवाज और जंगल के भीतर बनी भयावह स्थिति को देखते हुए साथी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

✍️ बाघ की आवाज सुनकर जान बचाकर गांव लौटे साथी,

घटना के बाद युवक के साथी काफी भयभीत हो गए। उन्हें आशंका हुई कि धरमजीत पर बाघ ने हमला कर दिया है। अपनी सुरक्षा को देखते हुए वे तत्काल जंगल से बाहर निकले और गांव की ओर लौट गए।

गांव पहुंचने के बाद उन्होंने ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और जंगल के अंदर घटनास्थल की तलाश एवं निरीक्षण की कार्रवाई शुरू की गई।

वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को जुटाने के साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि युवक पर हमला किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में हुआ।

✍️ युवक के साथ एक गाय को भी बाघ ने बनाया शिकार,

इस घटना में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी क्षेत्र में एक गाय को भी बाघ ने अपना शिकार बनाया है। युवक की मौत के साथ ही मवेशी के शिकार की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों में बाघ की सक्रिय मौजूदगी को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक जंगल से लगे इलाकों में बाघ की गतिविधियों को लेकर पहले से ही सतर्कता की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब युवक और गाय पर हमले की घटना सामने आने के बाद जंगल क्षेत्र में जाने वाले ग्रामीणों और मवेशी चराने वालों में भय का माहौल है।

वन विभाग द्वारा गाय के शिकार की घटना को भी जांच के दायरे में लिया गया है। विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है और संबंधित क्षेत्र में बाघ की गतिविधि किस प्रकार रही है।

✍️ वन विभाग ने घटनास्थल का किया निरीक्षण,

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सावंतपुर जंगल पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के क्षेत्र में बाघ के पदचिह्न और अन्य संभावित साक्ष्यों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

युवक के शव को आवश्यक प्रक्रिया के लिए सावंतपुर बेरियर की ओर लाया गया। पोस्टमार्टम और अन्य विभागीय कार्रवाई के बाद ही मौत के संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय एवं आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

वन विभाग द्वारा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर भी निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को जंगल के अंदर जाने से बचने तथा विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

✍️ दो भाइयों में सबसे बड़ा था धरमजीत,

बताया जा रहा है कि मृतक धरमजीत दास अपने परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़ा था। युवक की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

धरमजीत की अचानक मौत से गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि युवक रोजमर्रा की जरूरतों और जंगल से मिलने वाले करील-पुटू की तलाश में गया था, लेकिन उसे इस तरह अपनी जान गंवानी पड़ेगी, किसी ने नहीं सोचा था।

✍️ वनपरिक्षेत्र अधिकारी विजय साहू ने की सावधानी बरतने की अपील,

वनपरिक्षेत्र अधिकारी विजय साहू ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से फिलहाल जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि आवश्यक कार्य से जंगल जाना पड़ने पर भी ग्रामीण समूह में जाएं और विशेष सावधानी बरतें। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

✍️ आसपास के गांवों में बढ़ी दहशत,

सावंतपुर जंगल में युवक की मौत और गाय के शिकार की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के गांवों में बाघ को लेकर दहशत बढ़ गई है। जंगल से लगे गांवों के ग्रामीण अब अपने मवेशियों को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में करील, पुटू, लकड़ी अथवा अन्य वन उपज के लिए जाने वाले लोगों की संख्या काफी रहती है। ऐसे में यदि क्षेत्र में बाघ की सक्रिय मौजूदगी है तो वन विभाग को ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और आवश्यक सावधानी के उपाय करने चाहिए।

✍️ वन विभाग की निगरानी बढ़ाने की जरूरत,

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सावंतपुर जंगल और आसपास के बफर जोन क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां किस स्तर पर हैं। युवक की मौत और गाय के शिकार की घटना के बाद ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश न करें और विशेषकर अकेले जंगल जाने से बचें।

फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है। घटनास्थल के निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य विभागीय कार्रवाई के बाद ही युवक की मौत की परिस्थितियों तथा बाघ के हमले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। वहीं, गाय के शिकार की घटना को लेकर भी विभाग द्वारा आवश्यक जांच की जा रही है।

घटना ने एक बार फिर अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा के सवाल को सामने ला दिया है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की आगामी कार्रवाई और क्षेत्र में बाघ की निगरानी को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है।

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