प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी । मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोनी के सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कोनी में गरीब हितग्राहियों के लिए आवंटित राशन में कथित तौर पर बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय राशन दुकान से करीब 222 क्विंटल राशन बेच दिया गया, जिसके चलते कई हितग्राही राशन के लिए भटकने को मजबूर हैं।
दरअसल, ग्राम पंचायत कोनी की सरपंच राधिका पोर्ते पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गरीबों के हक का राशन जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुंचने के बजाय बेच दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन का आवंटन किया जाता है, ताकि कोई परिवार भूखा न रहे और कुपोषण की समस्या से बचा जा सके। लेकिन यदि आवंटित राशन ही हितग्राहियों को नहीं मिलेगा, तो शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मस्तूरी एसडीएम कार्यालय में शिकायत की है।
वहीं, ग्रामीणों सत्येंद्र जायसवाल गिरधारी तथा अन्य ग्रामीणों ने मस्तूरी खाद्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी द्वारा कथित तौर पर राशन दुकान संचालक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
अब सवाल यह है कि आखिर 222 क्विंटल राशन कहां गया? क्या वास्तव में राशन की बिक्री हुई है, और यदि हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत से इस विषय पर जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी मस्तूरी में राशन के गड़बड़ी को लेकर शिकायत किए हैं शिकायत के आधार पर सूक्ष्म जांच करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे अगर दोषी पाया गया तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।
अनुविभागीय अधिकारी शिव कुमार कंवर ने कहा कि शायद कार्यालय में आवेदन दिया गया है जानकारी होने के पश्चात जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।




