लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की समस्याओं का होगा चरणबद्ध निराकरण, विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिले के अधिकारियों द्वारा कोयलीबेड़ा तहसील क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामों में तीन दिवसीय व्यापक भ्रमण किया गया। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीयों सहित सम्बंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं फील्ड स्तर के कर्मचारी गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आंकलन किया।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे गांवों में पहुंचकर अपने-अपने विभागों से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही आकलन करें तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इसके माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार कर समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण किया जा सकेगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने ग्रामों का भ्रमण कर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आंगनबाड़ी, राशन, कृषि एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि कोयलीबेड़ा तहसील क्षेत्र के अनेक ग्राम लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहने के कारण विकास की गति से अपेक्षाकृत पीछे रह गए थे। जिला प्रशासन द्वारा अब इन क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का चिन्हांकन कर उनके निराकरण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार तैयार किए जा रहे प्रस्तावों के माध्यम से संबंधित ग्रामों की लंबित एवं महत्वपूर्ण मांगों का चरणबद्ध तरीके से निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विकास से वंचित रहे इन क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा क्षेत्रवासियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का बेहतर लाभ सुनिश्चित करना है।




