🔸 मोबाइल दुकान में चोरी से लेकर बैंक लूट की साजिश तक, 5 आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई 2-2 साल की सजा
🔸 थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व और प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक की सटीक विवेचना से अपराधियों पर कसा शिकंजा
🔸 घरघोड़ा पुलिस ने समय पर जुटाए साक्ष्य और मजबूत चार्जशीट बनी सजा का आधार, संगठित अपराध के आरोपियों को सजा दिलाने में मिली सफलता
रायगढ़। नवीन आपराधिक कानूनों में त्वरित न्याय और समयबद्ध विवेचना पर जोर दिए जाने का असर अब पुलिस की विवेचना और न्यायालयीन परिणामों में भी दिखाई दे रहा है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में चोरी और इसके बाद बैंकों में चोरी की साजिश रचने वाले संगठित अपराध के पांच आरोपियों को अपराध के चार माह के भीतर ही न्यायालय से सजा दिलाने में घरघोड़ा पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन महत्वपूर्ण साबित हुआ।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा के न्यायालय ने 8 सितंबर 2026 को मामले में सभी पांच आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री सत्यनारायण प्रकाश महिलाने द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक की सटीक विवेचना
पूरे प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विवेचनाधिकारी प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक द्वारा की गई। पुलिस टीम ने घटना के बाद महज आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि घटनास्थल से लेकर आरोपियों की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, मौके पर उनकी मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को वैज्ञानिक एवं कानूनी तरीके से संकलित किया।
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा सभी गवाहों के समयबद्ध कथन सुनिश्चित कराए गए, जबकि प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को व्यवस्थित करते हुए 23 मई 2026 को न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की। इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ी और चार माह के भीतर 8 सितंबर को न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाते हुए पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध कर दिया।
मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर 83 मोबाइल समेत सामान किया था पार
मामले की शुरुआत 17 फरवरी 2026 को हुई, जब ग्राम कुडुमकेला निवासी भोजपाल साव ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सड़कपारा मेन रोड, कुडुमकेला स्थित उसकी साव कम्प्यूटर एंड मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है।
दुकान से 43 नए मोबाइल, 40 पुराने मोबाइल, 11 ब्लूटुथ स्पीकर, 3 ब्लूटुथ हेडफोन, दस्तावेजों से भरा बैग तथा करीब 3000 रुपये नकद चोरी किए गए थे। मामले में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 52/2026, धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
चोरी के बाद बैंक लूट की थी साजिश
विवेचना में सामने आया कि पांच आरोपियों ने रात करीब 1 से 1:30 बजे कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी का सामान कार में भरकर घरघोड़ा-लैलूंगा मार्ग पर ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपाया गया था। आरोपियों की योजना चोरी किए गए मोबाइल और अन्य सामान को बेचने की थी।
इसके बाद गिरोह ने बैंक चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने 15 मार्च 2026 की रात खम्हार स्थित ग्रामीण बैंक में चोरी का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। साक्ष्य मिटाने की नीयत से बैंक का सीसीटीवी कैमरा सिस्टम निकालकर अपने साथ ले गए।
इसके बाद 16 मार्च की रात पटेलपाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी का प्रयास किया गया। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी बैंक का वॉल्ट नहीं तोड़ सके और वहां से भी सीसीटीवी सिस्टम निकालकर फरार हो गए।
26 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद
घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मारुति सियाज कार क्रमांक CG-17-KN-2212 और महिंद्रा XUV-500 क्रमांक CG-04-KZ-5674 बरामद की। इसके साथ ही आरोपियों से कुल 60 नए/पुराने मोबाइल एवं एक एयरपॉड्स बरामद किए गए।
बरामद संपत्ति की कुल कीमत 26 लाख 47 हजार 100 रुपये बताई गई है। आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर अपराध करना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 112(2), 61(2), 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।
मजबूत साक्ष्य, समय पर चार्जशीट और प्रभावी पैरवी से पहुंचा फैसला
घरघोड़ा पुलिस की विवेचना में सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी, घटना में प्रयुक्त वाहनों सहित अन्य पुख्ता साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। घरघोड़ा पुलिस ने ठान रखा था कि संगठित अपराध के आरोपियों को सजा दिलानी है और इस दौरान आरोपियों के कई बार जमानत आवेदन निरस्त भी हुआ । घरघोड़ा पुलिस की समयबद्ध विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मामले में चार्जशीट पेश होने के करीब साढ़े तीन माह के भीतर ही न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
न्यायालय से दंडित आरोपी
(1) मोह. अरसलान पिता मोह. जब्बीर खान उम्र 19 वर्ष निवासी सारथी नगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(2) करण महंत पिता कुमार दास महंत उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बांसाझार थाना छाल जिला रायगढ़ (छ.ग.)
(3) अलतमस खान पिता मोह. आफताब खान उम्र 19 वर्ष निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(4) जॉनसन बेक पिता बुधियार बेक उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(5) कवलेश यादव पिता पलकधारी यादव उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बरिमा मेनपाट थाना कमलेश्वरपुर जिला सरगुजा (छ.ग.)
सभी पांच आरोपियों को धारा 305(ए), 331(4) एवं संगठित अपराध से संबंधित धारा 112(2) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर इस पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व और प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक की प्रभावी विवेचना ने यह सुनिश्चित किया कि संगठित तरीके से अपराध करने वाले आरोपियों के विरुद्ध केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक पुख्ता साक्ष्य भी समय पर प्रस्तुत किए जाएं।




