प्रमोद अवस्थी मस्तूरी.
मस्तूरी – सांदीपनी पब्लिक स्कूल पेंड्री, मस्तूरी में विद्यालय प्रबंधन एवं एम. बी. डी. के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और क्षमता संवर्धन हेतु एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
संस्था के संचालक महेंद्र चौबे द्वारा इस तरह की कार्यशालाएं समय-समय पर आयोजित किए जाने का उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम शैक्षणिक तकनीकों से अपडेट करना और बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना रहा है।
कार्यशाला का प्रारंभ प्रशिक्षक गौरव धीमान के स्वागत के साथ हुआ। संस्था के प्राचार्य देबोज्योति मुखर्जी व शैक्षणिक समन्वयक श्रीमती शर्मिष्ठा सरकार, श्रीमती पूजा सिंह द्वारा मुख्यवक्ता का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंटकर किया गया।
रिसोर्सपर्सन ने अनुभवात्मक अधिगम के सिद्धांत पर आधारित विभिन्न रोचक गतिविधियों, खेलों और समूह चर्चाओं के माध्यम से कार्यशाला का संचालन किया।
श्री धीमान ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। इसके लिए शिक्षक को केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि एक फैसिलिटेटर, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभानी होगी।
कार्यशाला के दौरान मुख्य रूप से विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया ,जिसके तहत
प्रभावी कक्षा प्रबंधन में कक्षा में अनुशासन के साथ-साथ सकारात्मक और समावेशी वातावरण तैयार करने तरीका बताया गया।
गतिविधि आधारित शिक्षण के अंतर्गत नीरस विषयों को खेल-खेल में और गतिविधियों के माध्यम से रुचिकर बनाने की कला।
विद्यार्थियों से जुड़ाव की विधि के लिए हर बच्चे की सीखने की गति को समझकर शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने की कला का विकास।
इस कार्यशाला की सबसे खास बात यह रही कि शिक्षकों ने इसे केवल सुना नहीं, बल्कि स्वयं करके सीखा। मनोरंजन के साथ सीखने की इस पद्धति से सभी शिक्षक काफी उत्साहित नजर आए। शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर एम बी डी के प्रतिनिधि जय मिश्रा भी उपस्थित रहे ।
अंत में श्रीमती नेहा यादव द्वारा प्रशिक्षक व जय मिश्रा का आभार व्यक्त किया गया।


