रायगढ़, बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने और आंगनबाड़ी केन्द्रों को बच्चों के लिए अधिक सीखने एवं खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में ‘खिलौना बैंक’ पहल शुरू की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इसके तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में उपयोगी खिलौने एकत्र किए जाएंगे, जिनका उपयोग बच्चों की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों में किया जाएगा।
बाल विकास परियोजना के अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे लाभार्थी समूह में शामिल हैं। इस उम्र में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, सृजनात्मक और संज्ञानात्मक विकास के लिए खेल एवं गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खिलौनों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में समय-समय पर ईसीसीई किट उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही जनसमुदाय की सहभागिता बढ़ाने और आंगनबाड़ी सेवाओं से लोगों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के लिए ‘खिलौना बैंक’ स्थापित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से लोग अपने घरों में रखे उपयोगी खिलौने भी बच्चों के लिए दान कर सकेंगे। नए खिलौने भी दान किए जा सकते हैं। जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में खिलौना बैंक बनाए जाएंगे। इसके अलावा नगर निगम रायगढ़ के आयुक्त कार्यालय एवं सभी वार्ड पार्षद कार्यालयों में भी खिलौना बैंक स्थापित किए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी इसकी व्यवस्था की जा सकेगी।
खिलौना संग्रह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक खिलौना बैंक में खिलौने दान कर सकेंगे। एकत्रित खिलौनों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की आयु एवं आवश्यकता के अनुसार उनकी विकासात्मक गतिविधियों में उपयोग किया जाएगा। विभाग द्वारा खिलौना दान करने वाले लोगों की सूची आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि बच्चों के विकास में सहयोग देने वाले दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जा सके। ‘खिलौना बैंक’ के माध्यम से विभाग ने जनसमुदाय से जुड़कर बच्चों के लिए सीखने और खेलने का बेहतर वातावरण तैयार करने की पहल की है।



