उत्तर बस्तर कांकेर, 18 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आज जिला कार्यालय से संबंधित विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी एवं शाखा लिपिकों की बैठक लेकर शासकीय कार्यालयों के सभी शाखाओं में कार्यों के सुचारू रूप से संपादन के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिस शाखा में जो लिपिक कार्यरत है। उसे शाखा से संचालित होने वाले शासकीय नियमों एवं योजनाओं एवं गाइडलाईन की पूरी जानकारी होनी चाहिए तथा निर्धारित गाइडलाईन के अनुसार नस्तियां प्रस्तुत किया जावे। वित्तीय शाखा में कार्यरत लिपिक को बेसिक एकाउंट मैनुअल का ज्ञान होना चाहिए।
वित्तीय मामलों से जुड़ी सभी फाईलें टेªजरी ऑफिसर के परीक्षण पश्चात ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। फाईलों का प्रस्तुतिकरण निर्धारित मैनुअल के अनुसार थू्र-चैनल प्रस्तुत किया जाए, इससे कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगी, साथ ही कर्मचारी भी कार्यकुशल होंगे। किसी भी परिस्थिति मंे विलंब से फाईल प्रस्तुत नहीं करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि ऐसा पाया जाने पर संबंधित शाखा के प्रभारी अधिकारी एवं शाखा लिपिक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। वित्तीय शाखा प्रभारी को अपने शाखा के कार्यों का त्रैमासिक आडिट कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे शासकीय सेवक जिन पर कभी भी अनियमितता के आरोप लगे हों, उन्हें महत्वपूर्ण शाखाओं का प्रभार न दिया जावे।
एक ही शाखा में तीन वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मचारियों का कार्य विभाजन करने के निर्देश दिए गए हैं। खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से संबंधित सभी फाईलें ई-ऑफिस/ ऑनलाईन माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यालयीन समय पर अपने कार्य में उपस्थित होने और ई-अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी अधिकारियों को कलेक्टर की बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए भी निर्देशित किया गया।



