
मस्तुरी। मस्तुरी तहसील क्षेत्र में शासकीय जमीन के कथित रूप से नियम विरुद्ध लेन-देन का मामला सामने आया है। ग्राम भनेशर में तालाब के लिए आरक्षित बताई जा रही शासकीय जमीन को निजी लोगों को बेचे जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का उपयोग तालाब के लिए निर्धारित है, तो उसका निजी उपयोग या बिक्री नियमों के विपरीत है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम भनेशर स्थित खसरा नंबर 102 की जमीन शासकीय भूमि है और इसे तालाब के लिए आरक्षित बताया जा रहा है। आरोप है कि इस जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर निजी व्यक्तियों को जमीन बेचने की प्रक्रिया की गई। स्थानीय लोगों ने इसमें पटवारी स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि के इस कथित लेन-देन की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में जमीन के दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े कागजात की जांच की मांग की जा रही है। यदि जांच में नियम विरुद्ध तरीके से शासकीय जमीन के हस्तांतरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जरूरत होगी।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों के पक्ष का सामने आना बाकी है।



