समतारा और बासनवाही के बीच मावलीपारा के पास धंसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल
कांकेर – भारतमाला हाईवे रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत कांकेर जिले में समतारा और बासनवाही के बीच मावलीपारा के पास सड़क पर दरारें आने और सड़क क्षतिग्रस्त होने का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण मार्ग के आधिकारिक उद्घाटन से ठीक पहले हुई है, जिसने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कुछ हिस्सा धंस गया है। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी।
दिल्ली से पहुंची विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम, जांच शुरू
सड़क धंसने और दरारें पड़ने की जानकारी मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया है। दिल्ली से विशेषज्ञों की एक विशेष केंद्रीय टीम स्थिति का मुआयना करने और तकनीकी खामियों की जांच के लिए घटना स्थल पर पहुंच चुकी है। टीम ने सड़क के सैंपल लिए हैं और निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जमीन के नीचे पानी के रिसाव या मिट्टी धंसने से यह घटना हुई हो सकती है। टीम जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
4146 करोड़ की लागत से बन रहा 125 किलोमीटर हिस्सा
छत्तीसगढ़ में इस महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट का लगभग 125 किलोमीटर लंबा हिस्सा करीब 4146 करोड़ की भारी भरकम लागत से तैयार किया जा रहा है। यह सिक्स लेन मार्ग रायपुर से विशाखापट्टनम को जोड़ेगा। बासनवाही क्षेत्र की पहाड़ियों में इस मार्ग के लिए विशेष टनल का निर्माण भी किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे परिवहन आसान होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
निर्माण गुणवत्ता पर विवाद, जवाबदेही पर उठे सवाल
उद्घाटन से पहले ही नेशनल हाईवे की सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बन रही सड़क अगर उद्घाटन से पहले ही खराब हो रही है तो भविष्य में क्या होगा। विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से में आवागमन को रोका गया है और मरम्मत कार्य पर विचार किया जा रहा है।



