प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर मस्तूरी में शरद पूर्णिमा उत्सव हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का सुंदर संगम देखने को मिला। इस अवसर पर लगभग 150 लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के मंदिर में वरिष्ठ युगल दंपतियों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य संतोष कुमार पाण्डेय ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए शरद पूर्णिमा पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेविका समिति मस्तूरी की सदस्य गुप्ता दीदीजी ने शरद पूर्णिमा की वर्तमान समय में प्रासंगिकता बताते हुए भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। वहीं, बैसाखू प्रसाद सोनी ने चातक पक्षी का उदाहरण देते हुए शरद पूर्णिमा से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रश्नमंच प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया।
समापन अवसर पर मस्तूरी खंड के खंड संघचालक दिनेश सराफ ने सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ जुड़े रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लगभग 150 लोगों को खीर-पूड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। इसके पश्चात “सर्वे भवन्तु सुखिनः” मंत्र के साथ उत्सव का समापन हुआ। आयोजन को सफल बनाने में सभी स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।


