Home Blog इलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए चंदा लेने पर सवाल उठाने वाले शहर अध्यक्ष...

इलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए चंदा लेने पर सवाल उठाने वाले शहर अध्यक्ष अनिल बताए कांग्रेस ने 1421 करोड़ चंदा क्यों लिया. :- उमेश अग्रवाल

0

City President Anil, who raised questions on taking donations through electronic bonds, told why Congress took donations of Rs 1421 crore. :- Umesh Aggarwal

जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने पूछा बॉन्ड गलत है तो 52 सांसदों वाली कांग्रेस ने 1421 करोड़ रुपए का चंदा क्यों लिया ?

Ro.No - 13672/156

रायगढ़ :- इलेक्ट्रोल बॉन्ड के मामले में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बयान पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला द्वारा पूछे गए सवालो का जवाब देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा इलेक्ट्रोल बॉन्ड राजनीति में काले धन की संभावना खत्म करने का बहुत बड़ा प्रयास है। चंदे में 1100 रुपए नगद में मिलने पर 100 रुपए बताकर 1000 रुपए हड़पने वाली कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि 52 सांसदों वाली कांग्रेस ने इलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए 1421 करोड़ रुपए क्यों स्वीकार किए ? भाजपा पर चंदा लेने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस ने 1421 करोड़ रुपए स्वीकार किए है।
कांग्रेस को भ्रमित बताते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बयान पर सहमति जताते हुए कहा भाजपा को मिले चंदा से दुगुना चंदा विपक्षी पार्टियों को मिला है 16 हजार करोड़ चंदा किन लोगो ने लिया कांग्रेस इस मामले में चर्चा से मुंह चुराना चाहती है। सर के बाल से पैर के नाखून तक भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी कांग्रेस आगामी लोकसभा में संभावित हार देख बौखला गई है एवम पिछले विधान सभा में बड़ी हार के सदमे से अभी तक नही उबर पाई है। रायगढ़ जिले से गरीब का बेटा ओपी चौधरी अपने पिता के निधन बाद अनुकम्पा नियुक्ति छोड़कर अपने दम पर प्रदेश का पहला कलेक्टर बनता है और कलेक्टर की सेवा छोड़ कर सेवा के लिए राजनीति में आकर प्रदेश का वित्त मंत्री बन जाता है लेकिन रायगढ़ जिले की राजनीति के लिए इस गौरव पूर्ण उपलब्धि को मानने की बजाय कांग्रेस स्तर हीन एवम ओछी बयान बाजी कर रही है। जिला भाजपा अध्यक्ष ने शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला को नेशनल हेराल्ड मामले की याद दिलाते हुए कहा जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कांग्रेस ने पहले नेशनल हेराल्ड की कंपनी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को 26 फरवरी, 2011 को 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया। इसके बाद पांच लाख रुपये से यंग इंडिया कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस प्रक्रिया के जरिए पांच हजार करोड़ वाली इस कंपनी में अधिपत्य जमा लिया। 5 हजार करोड़ के घोटाले के अपराधिक हेरा फेरी मामले में राहुल गांधी एवम सोनिया गांधी जमानत में चल रहे है। वही कांग्रेस के दामाद राबर्ट वाड्रा के स्वामित्व वाली कंपनी डी एल एफ पर 1100 एकड़ जमीन के मामले में 9600 करोड़ घोटाले की जांच जारी है वही कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा पर राजस्थान बीकानेर में सरकारी जमीन खरीद फरोख्त में फर्जीवाड़ा प्रकरण में हाई कोर्ट में जांच लंबित हैं। सत्तर सालो से राजनैतिक चंदे के रूप में नगद राशि लेने वाली कांग्रेस में यदि हिम्मत बची है तो पहले अपना हिसाब सार्वजनिक करे ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here