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बच्चे मोबाइल का चार्जर बिजली के बोर्ड में लगा रहे थे। चार्जर लगाते ही शॉर्ट सर्किट हो गया,मोबाइल फटने से 4 बच्चों की जान चली गई,पति-पत्नी घायल…

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The children were plugging the mobile charger into the electrical board. Short circuit occurred as soon as the charger was connected, 4 children lost their lives due to mobile explosion, husband and wife injured…

उत्तरप्रदेश के मेरठ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चार्जिग के दौरान एक मोबाइल फट गया। ब्लास्ट के बाद घर में भीषण आग लग गई। दर्दनाक घटना में चार बच्चों की जलकर मौत हो गई। वहीं पति-पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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जानकारी के मुताबिक, घटना मेरठ के मोदीपुरम के जनता कॉलोनी की है। मजदूर परिवार यहां एक मकान में किराए पर रहते है। मुजफ्फरनगर जिले के सिखेड़ा निवासी जॉनी (41) मजदूरी करता है। पत्नी बबीता (37) व चार बच्चों सारिका (10) , निहारिका (8), गोलू (6) और कल्लू (5) के साथ कॉलोनी में किराए पर रहता है। शनिवार शाम बच्चे कमरे में खेल रहे थे। इस दौरान कमरे में बेड पर तार बिखरे हुए थे और बच्चे मोबाइल का चार्जर बिजली के बोर्ड में लगा रहे थे। चार्जर लगाते ही शॉर्ट सर्किट हो गया और मोबाइल में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद बेड में आग लग गई। देखते ही देखते बच्चे भी आग की चपेट में आ गए।

आगजनी के दौरान बच्चों ने चिल्लाना शुरू किया। शोर सुनकर जॉनी व बबीता रसोई से कमरे की ओर दौड़े। दोनों ने बच्चों को आग से झुलसी हालत में बाहर निकाला। बच्चों को बचाने के दौरान बबीता व जॉनी भी बुरी तरह झुलस गए। जॉनी के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंच गए। बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान चारों बच्चों ने दम तोड़ दिया है। पिता जॉनी का मेडिकल में उपचार चल रहा है, जबकि मां बबीता को गंभीर हालत में दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।

मेरठ में बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ। मोबाइल फटने से 4 बच्चों की जान चली गई। वहीं, परिजन घायल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना जनता कॉलोनी की बताई जा रही है। यहां किराए के मकान में रह रहे मजदूर के घर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। बताया जा रहा मोबाइल फटने की कारण हादसा हुआ। हादसे की जानकारी लोगों ने पुलिस को दी और आग पर काबू पाया। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। अभी भी दंपती की हालत गंभीर बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे कमरे में खेल रहे थे। कमरे में बेड पर तार बिखरा था। बच्चे मोबाइल का चार्जर बिजली के बोर्ड में लगा रहे थे। चार्जर लगाने के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ। तारों में आग लगने से मोबाइल में धमाका हुआ और बेड में आग लग गई। वहीं, आग से घिरे बच्चों ने चिल्लाया। धमाके व बच्चों का शोर सुनकर जॉनी व बबीता रसोई से कमरे की ओर दौड़े। दोनों ने बच्चों को आग से झुलसी हालत में बाहर निकाला। बच्चों को बचाने के दौरान बबीता व जॉनी भी बुरी तरह झुलस गए। जॉनी के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी आए। उन्होंने फौरन ही आग से झुलसे दंपति को अस्पताल पहुंचाया।

मुजफ्फरनगर का रहने वाला था परिवार

यह परिवार मूल रूप से मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा गांव है। जॉनी अपनी पत्नी बबीता और चारों बच्चों के साथ मेरठ की जनता कॉलोनी में किराए पर रहता है। जॉनी दिहाड़ी मजदूरी करता हैं। होली के चलते शनिवार को वह घर पर ही था। शाम को जॉनी, बबीता रसोई में होली के पकवान बना रहे थे। चारों बच्चे कमरे में थे। कमरे में ही मोबाइल चार्जिंग पर लगा हुआ था। तभी शॉर्ट सर्किट हो गया, जिस कारण मोबाइल में भी धमाका हो गया और कमरे में आग लग गई।

पति-पत्नी, बच्चे कमरे में थे

जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त पति जॉनी, पत्नी बबिता के साथ रसोई में गुझिया बना रहा था। बच्चे कमरे में खेल रहे थे। उसी समय रसोई में अचानक तेज धमाका की आवाज आई। लगा कोई भारी चीज गिर गई है या सिलेंडर फट गया। हम दोनों फौरन बच्चों को बचाने कमरे में भागे। देखा वहां धुआं उठ रहा था। आग हुई लगी थी। बच्चे आग में फंसे हुए थे।

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