Home Blog अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत सफलता की सबसे बड़ी कुंजी-कलेक्टर

अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत सफलता की सबसे बड़ी कुंजी-कलेक्टर

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Discipline, Self-Confidence, and Continuous Hard Work Are the Greatest Keys to Success — Collector

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से संवाद में बोले कलेक्टर-कॉलेज के साथ ही शुरू करें भविष्य की तैयारी

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प्रोत्साहन सह कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में जिले के 100 मेधावी विद्यार्थियों को मिला सफलता का मंत्र

रायगढ़,  कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हासिल करने वाले जिले के 100 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए आज जिला प्रशासन द्वारा प्रोत्साहन सह कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित सृजन सभाकक्ष में आयोजित यह कार्यक्रम प्रेरणा, ऊर्जा और सकारात्मक संवाद का एक सशक्त मंच बन गया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें जीवन, कैरियर और सफलता से जुड़े महत्वपूर्ण मंत्र दिए। उन्होंने सहज और प्रेरणादायी अंदाज में विद्यार्थियों के हर प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे आप हासिल नहीं कर सकते। जरूरत सिर्फ खुद पर भरोसा रखने और अपना सौ प्रतिशत देने की है। उन्होंने अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया।

कैरियर मार्गदर्शन सत्र में विद्यार्थियों ने यूपीएससी, नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों को लेकर प्रश्न पूछे। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले उसके सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि यदि कॉलेज की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही हो, तो उसके साथ ही भविष्य की तैयारी भी शुरू करनी चाहिए। सामान्य अध्ययन, समाचार पत्र, अर्थशास्त्र और राजनीति जैसे विषयों पर समझ विकसित करने से प्रतियोगी परीक्षाओं में काफी मदद मिलती है। नीट-जेईई की तैयारी और ड्रॉप ईयर को लेकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं पर कलेक्टर ने कहा कि हर विद्यार्थी की परिस्थितियां और लक्ष्य अलग होते हैं, इसलिए निर्णय भी अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार लेना चाहिए।

कलेक्टर ने कहा कि जरूरी नहीं कि कोई विद्यार्थी जिस कोर्स की पढ़ाई कर रहा है, उसी क्षेत्र तक सीमित रहे। अनेक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करते हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी बीटेक के बाद यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि 10वीं और 12वीं का परिणाम जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक मजबूत शुरुआत है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद अब वे समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनके कार्य और उपलब्धियां दूसरे बच्चों को आगे बढ़ने की दिशा देंगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और अच्छी संगति अपनाने की सीख देते हुए कहा कि “आप लोग समाज के ध्वजवाहक हैं। आप जैसा करेंगे, वैसा ही दूसरे बच्चे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर सीखते रहना और स्वयं को विकसित करते रहना ही आगे बढ़ने का सबसे बड़ा आधार है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.व्ही.राव विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, पालक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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