पुसौर
केन्द्र सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सम्मान राषि को पिछले 3 साल से ग्रहण लग गया है इसमें किसान केवाइसी और पात्रता फार्म कई बार जमा करने के बाद भी कृशि विभाग द्वारा कहा जाता है कि फिर से केवाईसी कराना पडेगा चूंकि साफटवेयर में ऐसा जानकारी आया है। इसे सरकार और इससे जुडे लोगों की लापरवाही कहा जाये या फिर सरकार किसानों के उक्त पैसे से व्याज कमाना चाहती है यह तो पता नहीं लेकिन यह तो तय है कि मिल रहा सहयोग सुविधा यदि न मिले तो तिलमिलाना लाजिमी है। ज्ञात हो कि पुसौर तहसील में फर्जी किसानों की संख्या पुर्व में कुल संख्या से चैगुनी हो गई थी जिसके कारण विभाग के कान खडे हुये और सघन जांच किया। बताया जाता है कि इस जांच के कारण वास्तविक और पात्र किसानों को उनका सम्मान राषि नहीं मिल पा रहा है। करे कोई और भरे कोई के तर्ज पर किसानों को उनका सम्मान राषि पिछले 3 साल से नहीं मिलना और सरकार और सरकार के लोग अपने को किसान हितैषी समझना समझ से परे है।



