Technical advice given to farmers to use alternative fertilizers to meet the shortage of DAP fertilizer
उत्तर बस्तर कांकेर, 03 जुलाई 2025/ जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में किसानों को डीएपी (क्।च्द्ध खाद की कमी पूर्ति हेतु अन्य वैकल्पिक खाद फास्फोरस एवं नत्रजन जैसे पोषक तत्वों का उपयोग करने की तकनीकी सलाह दी गई। इसके अलावा किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी का भी छिड़काव करने की सलाह दी गई।
भानुप्रतापपुर कृषि के अनुविभागीय अधिकारी श्री नाग ने बताया कि डीएपी एक ऐसी खाद है, जो भारत में नहीं बनती है। इसके लिए अन्य देशों से आयात पर निर्भर रहना पड़ता है और आयात सामान्य से कम हुआ है। ऐसी स्थिति में डीएपी खाद की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है, यदि किसानों को डीएपी खाद नहीं मिलता है तो किसान इसके विकल्प के रुप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा बताए गए अनुशंसित मिक्स खाद का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने किसान भाईयों को बेहतर फसल उत्पादन के लिए फास्फोरस एवं नत्रजन पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु अन्य उर्वरकों का उपयोग करने की तकनीकी सलाह दी।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि धान जल्दी पकने वाली व देशी किस्म हेतु 24 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति 52 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके, 39 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स कॉम्प्लेक्र उर्वरक एनपीकेएस, 18 किलोग्राम यूरिया एवं 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश से की जा सकती है। इसी प्रकार धान की बौनी किस्में 141 दिन से अधिक हेतु 32 किलोग्राम नत्रजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 125 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 62 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 54 किलोग्राम यूरिया व 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस, 26 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश से किया जा सकता है। इसके अलावा धान की बौनी किस्में मध्यम अवधि 126-140 दिन हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है।
इसी तरह मक्का हाईब्रिड किस्में हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है. जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके, 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस, 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश से किया जा सकता है।




