बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला –
बस्तर रेंज के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य तथा साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो के इंचार्ज पाप्पा राव ने 17 अन्य माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस समूह में DVCM प्रकाश मड़वी, DVCM अनिल ताती सहित कुल 18 नक्सली शामिल हैं, जिनमें 7 महिला कैडर भी हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की इच्छा जताई है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत ये कैडर AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार भी पुलिस के समक्ष सौंपेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना नक्सल-मुक्त बस्तर के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। पहली बार दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन नेतृत्वविहीन होता नजर आ रहा है, जिससे सुरक्षा बलों को बड़ी रणनीतिक बढ़त मिली है।
सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे अभियानों के कारण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी शांति और विकास की उम्मीद अब साकार होती दिख रही है।
प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि अभी जंगलों में छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय शेष कैडर भी जल्द ही आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटेंगे। आत्मसमर्पण करने वाले सभी 18 कैडरों के पुनर्समावेशन की औपचारिक प्रक्रिया आगामी दिनों में पूरी की जाएगी।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि विस्तृत जानकारी शीघ्र साझा किया जायेगा।



