The 2,371st birth anniversary of Emperor Chandragupta Maurya was celebrated with great enthusiasm.
भिलाई में भव्य आयोजन, समाज और इतिहास के महत्व पर दिया गया जोर
भिलाई। छत्तीसगढ़ सम्राट अशोक अकादमी के प्रधान कार्यालय में दिनांक 10 अप्रैल 2026 को मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चक्रवर्ती सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की 2371वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के स्मृति चिन्ह पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके महान योगदान को याद किया।यह आयोजन न केवल सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की जयंती का उत्सव था, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने, शिक्षा के महत्व को समझने और संगठन की शक्ति को मजबूत करने का प्रेरणादायक मंच भी बना।
इतिहास और विरासत पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मौर्य वंश के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करते हुए समाज को अपने अतीत से जुड़ने का संदेश दिया।
नीता कम्बोज शीरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अंग्रेजों द्वारा केवल गुफाओं और शिलालेखों की खोज ही नहीं की गई, बल्कि उनकी लिपि को पढ़कर हमारे इतिहास को उजागर किया गया। उन्होंने पुरातत्व विभाग की भूमिका को सराहते हुए कहा कि आज हम अपने वंश के बारे में जो जानते हैं, उसमें उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
शिक्षा के साथ रोजगार का महत्व
अजय वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय परिवर्तन का युग है, जहां हर क्षण बदलाव हो रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक शिक्षा भी दें, ताकि भविष्य में उन्हें रोजगार के लिए संघर्ष न करना पड़े।
समाज सेवा और संगठन की भूमिका
लालचंद मौर्य ने समाज के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज के विकास के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि शिक्षाविद् काशीनाथ वर्मा ने कहा कि यदि इतिहास से मौर्य साम्राज्य को हटा दिया जाए तो भारतीय इतिहास अधूरा रह जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपने गौरवशाली इतिहास का अध्ययन और प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया।
मौर्य साम्राज्य से प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अजय मौर्य ने बताया कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी मौर्य साम्राज्य से अत्यधिक प्रभावित थीं। उन्होंने दिल्ली में ताम्रपत्र पर शिलालेख खुदवाकर ‘काल पत्र’ के रूप में संरक्षित कराया, जो मौर्यकालीन परंपरा का प्रतीक है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में संजय मौर्य, सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा, टी.एन. कुशवाहा अंजन सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए समाज की एकता और उन्नति पर बल दिया।
प्रदेश स्तरीय चुनाव संपन्न, नई कार्यकारिणी घोषित
जयंती समारोह के उपरांत छत्तीसगढ़ सम्राट अशोक अकादमी का प्रदेश स्तरीय चुनाव भी संपन्न हुआ, जिसमें सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियों का चयन किया गया। जिसमें
संरक्षक – काशीनाथ वर्मा, लालचंद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष – अजय मौर्य,
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष – अजय वर्मा, महिला विंग अध्यक्ष – नीता कम्बोज शीरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष – आर. एस. मौर्य,उपाध्यक्ष – सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा,
महासचिव – एन. एल. मौर्य प्रीतम, कोषाध्यक्ष – आर. बी. सिंह कुशवाहा, मीडिया प्रभारी – रमेश भगत, अंकेक्षण – श्रवण कुमार मौर्य, सचिव – टी. एन. कुशवाहा अंजन, सूचना एवं प्रसारण सचिव – संजय मौर्य।
कार्यक्रम का सफल संचालन
कार्यक्रम का कुशल संचालन एन. एल. मौर्य प्रीतम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संजय मौर्य द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी रमेश भगत ने दी।



