बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के अंतिम चरण में चल रहे मिशन 2026 के तहत जिले में पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन एसपी बीजापुर के नेतृत्व अभियान को बड़ी सफलता मिली है। दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 25 हार्डकोर माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने 14.06 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी की है, जिसमें 2.90 करोड़ रुपये नकद तथा 7.20 किलोग्राम सोना (11.16 करोड़ रुपये मूल्य) शामिल है। इसके साथ ही AK-47, LMG, SLR, INSAS सहित कुल 93 घातक हथियार बरामद किए गए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में मंगल कोरसा उर्फ मोटू, आकाश उर्फ फागु उईका, शंकर मुचाकी, राजू रैयाम उर्फ मुन्ना तथा पाले कुरसम जैसे वरिष्ठ माओवादी कैडर शामिल हैं, जिन्होंने संगठन की औचित्यहीनता स्वीकार करते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. (भापुसे), उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ ऑप्स सेक्टर बीजापुर बी.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। पुनर्वासित कैडरों में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 02 CyPC, 01 DVCM, 07 बटालियन/कंपनी सदस्य, 04 PPCM, 06 ACM एवं 05 पार्टी सदस्य शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 तक जिले में कुल 1003 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इस अवधि में कुल 19.43 करोड़ रुपये की बरामदगी हुई है, जिसमें 6.63 करोड़ रुपये नकद एवं 8.20 किलोग्राम सोना (12.80 करोड़ रुपये मूल्य) शामिल है। प्रशासन के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों को शासन की नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। पुलिस ने शेष माओवादी कैडरों से भी अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं। यह सफलता बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



