रायगढ़ । वर्षों के लगातार प्रयास के बाद आज रायगढ़ के स्वास्थ्य परिदृश्य में डॉ टी के साहू के सुयोग्य नेतृत्व में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सार्थक परिवर्तन हुआ है । डॉ टी के साहू के नेतृत्व में ऑब्सेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी के रायगढ़ चैप्टर की स्थापना की गई है । इसे फेडरेशन ऑफ ऑब्सेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया से मान्यता प्रदान की गई है। आपको बता दें कि यह भारत में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों का प्रतिनिधित्व करनेवाला एक पेशेवर संगठन है जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना , मातृ मृत्यु दर को कम करना और इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं शिक्षा को बढ़ावा देना है । इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश एवं देश भर से आए अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने विचार व्यक्त किए और डॉ टी के साहू के प्रयास की प्रशंसा करते हुए रायगढ़ में इस सोसाइटी के गठन को अपना पूर्ण सहयोग देने की बात कही ।
मेकाहारा रायपुर की भूतपूर्व प्रोफेसर और डीन डॉ आभा सिंह ने बताया कि आज तकनीकी बहुत बढ़ गई है तो इसका प्रयोग इस क्षेत्र में अधिक से अधिक करना चाहिए। आज कंटिन्यू मेडिकल एजुकेशन बहुत जरूरी है । पढ़ाई और उसके बाद आगे पेशेवर जिंदगी में भी जो नई नई बातें सामने आ रही हैं, नई खोजें हो रही हैं, काम हो रहे हैं, उन्हें जानना चाहिए और इसमें तकनीक मदद कर सकती है । डॉ आभा सिंह ने इस बात पर बल दिया कि इस तरह के आयोजन लगातार होते रहना चाहिए, एक्टिविटी होती रहनी चाहिए और एक्सपर्ट अपने अनुभव शेयर करते रहें । यह एक सही प्लेटफॉर्म है जिसका हमें लाभ उठाना चाहिए।
फेडरेशन ऑफ ऑब्सेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के भूतपूर्व प्रेसिडेंट और एमिरेट्स प्रोफेसर डॉ पी सी महापात्र , कटक , ओडिशा ने बहुमूल्य जानकारी देते हुए कहा कि यह सोसाइटी एशिया की सबसे बड़ी सोसाइटी है जिसमें 47,000 सदस्य हैं और 290 सोसाइटी इसके अंतर्गत संचालित हैं । आज रायगढ़ की सोसाइटी का गठन डॉ टी के साहू के नेतृत्व में हुआ है जो इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं , डॉ कीर्ति संस्थापक सेक्रेटरी और डॉ ज्योत्सना अग्रवाल संस्थापक वाइस प्रेसिडेंट हैं । डॉ महापात्र ने कहा कि वे रायगढ़ चैप्टर के गठन से बहुत प्रसन्न और उत्साही हैं और इसका उद्घाटन कर वे बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के तीन उद्देश्य हैं – अकादमिक, फेलोशिप और सर्विस । उन्होंने तेजी से बढ़ती तकनीकी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज और पेशेंट की जरूरत के अनुसार तकनीक को लगातार अप डेट करते रहना होगा ताकि यह लोगों की जरूरत को पूरा कर सके । साथ ही उसे टीचिंग प्रेक्टिस में अप्लाई करना होगा और एजुकेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाना होगा। अपने संदेश में डॉ महापात्र ने कहा कि बच्चियों को और लोगों को , विशेषकर ग्रामीणों को शिक्षित करना होगा ।
रायगढ़ चैप्टर के फाउंडर प्रेसिडेंट एवं रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर तथा विभागाध्यक्ष डॉ टी के साहू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे विगत कई सालों से रायगढ़ में एक स्वतंत्र बॉडी के गठन के लिए प्रयासरत थे । आज उनके प्रयास जमीन पर वास्तविक स्वरूप में दिखाई दे रहे हैं। रायगढ़ चैप्टर को फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने इस सोसाइटी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोसाइटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिलाओं के पूरे जीवनकाल के दौरान प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल की जाती है । गर्भावस्था की पुष्टि और जांच , उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाक प्रबंध, सामान्य और सिजेरियन प्रसव, बांझपन और प्रजनन संबंधी उपचार और अन्य स्त्री रोगों का उपचार इन विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। वे स्वयं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में विशेषज्ञता रखते हैं । रायगढ़ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी का गठन रायगढ़ के लिए एक वरदान से कम नहीं है। अब सुरक्षित मातृत्व एवं सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ महिला एवं स्वस्थ बच्चा का उद्देश्य रायगढ़ में भी सफलीभूत होगा , ऐसी आशा है ।



