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जानिए एयरलाइन कंपनियों से क्या कहा अब फ्लाइट में फेमिली के साथ ही बैठेंगे बच्चे, बिना कोई चार्ज दिए!

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Know what the airline companies said, now children will sit with the family in the flight, without paying any charge!

हवाई जहाज में सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उड़ान के दौरान 12 वर्ष तक के बच्चों को उनके माता-पिता या अभिभावकों में से कम से कम एक के साथ सीट आवंटित की जाए. बीते दिनों ऐसे कई मामले सामने आए थे, जहां 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उड़ान के दौरान उनके माता-पिता या अभिभावकों के साथ सीट आवंटित नहीं की गई थी. यह निर्देश ऐसे मामलों के चलते आया है.
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ”एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 12 वर्ष तक के बच्चों को एक ही पीएनआर पर यात्रा कर रहे उनके माता-पिता/ अभिभावकों में कम से कम एक के साथ सीट आवंटित की जाए और इसका रिकॉर्ड रखा जाए.”

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DGCA ने सर्कुलर में किया संशोधन

इस संबंध में नियामक ने अनुसूचित एयरलाइनों के सेवाओं और शुल्क को अनियंत्रित करने के संबंध में जारी अपने परिपत्र को संशोधित किया है. मानदंडों के अनुसार तरजीही सीट आवंटन, भोजन/नाश्ता/पेय शुल्क और संगीत वाद्ययंत्र ले जाने के लिए शुल्क लेने जैसी कुछ सेवाओं की अनुमति है. डीजीसीए ने कहा कि ऐसी सेवाएं एयरलाइनों द्वारा स्वैच्छिक आधार पर दी जाती हैं और ये अनिवार्य नहीं हैं.

क्या हुआ है फैसला?

केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशक (Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से मिली सूचना के मुताबिक अब एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर में बदलाव कर दिया गया है। इसके साथ ही शिड्युल एयरलाइंस के सर्विसेज ओर फीस को भी अनबंडल कर दिया गया है। मतलब कि कोई एयरलाइन यात्रियों से मील, स्नैक्स, ड्रिंक आदि का चार्ज अनिवार्य रूप से नहीं ले सकेंगे। मतलब कि आप यदि विस्तार और एयर इंडिया जैसी फुल सर्विस कैरिअर से यात्रा कर रहे हैं तो आप चाहें तो मील या स्नैक्स चार्जेज का भुगतान नहीं भी कर सकते हैं। इंडिगो, स्पाइसजेट जैसे बजट एयरलाइन में पहले से ऐसी व्यवस्था है।

बच्चों की सीट के लिए चार्ज!

डीजीसीए के रिवाइज्ड सरकुलर में यह भी कहा गया है कि अपने पेरेंट या गार्जियन के साथ ट्रेवल करने वाले बच्चों से एक साथ सीट देने के लिए एयरलाइन कोई प्रीफर्ड सीट चार्ज नहीं वसूल सकती है। अब 12 साल या इससे कम उम्र के बच्चों को बिना शुल्क लिए उनके पेरेंट या गार्जियन के बगल में सीट अलॉट करना होगा। पहले ऐसा देखा गया था कि माता-पिता या अभिभावक के साथ यात्रा कर रहे बच्चों को साथ में सीट आवंटित करने के लिए एयरलाइन कुछ शुल्क वसूल लेती थी।

10 साल में ढ़ाई गुना तक बढ़ी है यात्रियों की संख्या

पिछले 10 साल के दौरान देश में हवाई सेवा का जबरदस्त विस्तार हुआ है। साल 2014 में जबकि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब देश में कुल डोमेस्टिक पैसेंजर्स की संख्या करीब 60 मिलियन थी। अब यह बढ़ कर करीब 143 मिलियन हो गई है। इसी तरह इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इतनी तेज नहीं। साल 2024 में इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या 43 मिलियन थी जो कि अब बढ़ कर 64 मिलियन हो गई है।

एयरक्राफ्ट की संख्या में भी 80 फीसदी तक की बढ़ोतरी

भारतीय जनता पार्टी के सांसद जी वी एल नरसिंह राव ने पिछले दिनों बताया था कि बीते 10 साल के दौरान एयरक्राफ्ट्स की संख्या में भी 80 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। 10 साल पहले देश में कुल 400 एयरक्राफ्ट्स थे। अब यह संख्या बढ़ कर 723 तक पहुंच गई है। इसी तरह हवाई अड्डों की संख्या भी 74 से बढ़ कर 150 तक पहुंच गई है।

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