रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा
लैलूंगा (जिला रायगढ़)। डिजिटल फसल सर्वेक्षण योजना के अंतर्गत कार्य कर रहे लैलूंगा ब्लॉक के तीन सर्वेयर—घनश्याम पैकरा, खेतेश्वर पैंकरा और टेक राम पटेल—को अब तक उनके कार्य का मानदेय नहीं मिल पाया है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील कार्यालय लैलूंगा द्वारा कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ को भेजे गए पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सर्वेयरों के बैंक डिटेल अपडेट नहीं होने के कारण मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित सर्वेयरों के बैंक खातों की जानकारी अद्यतन कर सत्यापन उपरांत ही भुगतान3 संभव हो पाएगा।
बताया जा रहा है कि इन सर्वेयरों ने वर्ष 2025-26 के खरीफ सीजन में डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य पूरी जिम्मेदारी से संपन्न किया था। इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से उनका भुगतान लंबित है, जिससे उनमें आक्रोश और निराशा का माहौल है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि समय रहते बैंक डिटेल अपडेट और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सर्वेयरों ने शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग करते हुए प्रशासन से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।
इस पूरे प्रकरण ने यह भी उजागर किया है कि डिजिटल योजनाओं के क्रियान्वयन में छोटी-छोटी तकनीकी खामियां किस प्रकार जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रभावित कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेकर सर्वेयरों को उनका बकाया मानदेय दिला पाता है।



