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तीसरे वर्ष भी मिली अपार सफलता, महानवमी पर 2000 मातृशक्तियों का भव्य संगम

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A grand gathering of 2000 women on Mahanavami was a great success for the third year as well.

खड़्ग धारिणी गरबा : रायगढ़ में महिला समन्वय का अविस्मरणीय आयोजन

Ro.No - 13759/40

रायगढ़। महिला समन्वय रायगढ़ द्वारा सेवा भारती समिति के मार्गदर्शन में आयोजित खड़्ग धारिणी गरबा ने इस वर्ष भी सफलता का नया कीर्तिमान रच दिया। बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं ने बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ गरबा कर मां आदिशक्ति अम्बे की आराधना की और भारतीय संस्कृति की अनुपम झलक प्रस्तुत की।
महिला समन्वय रायगढ़ ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजनों के माध्यम से मातृशक्ति को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत किया जाएगा।

विशेष अवसर पर विशिष्ट अतिथि का आगमन

महानवमी के पावन अवसर पर गरबा आयोजन के तृतीय दिवस की शोभा तब और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री मीनाक्षी सहरावत (मैंगलूर, कर्नाटक) पधारीं। वे एक प्रखर हिंदू वक्ता और अनन्य कृष्ण भक्त के रूप में जानी जाती हैं।
उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने प्रांगण में उपस्थित सभी मातृशक्तियों और समाजबंधुओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।

सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम

लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहे इस आयोजन ने सफलता की नई ऊँचाइयाँ छुईं।

महिला समन्वय रायगढ़ ने सर्वसमाज की युवतियों एवं महिलाओं को एक ही मंच पर जोड़कर सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

लगभग 2000 मातृशक्तियों का एक ही प्रांगण में संगम इस आयोजन की भव्यता और प्रभाव का प्रमाण बना।

संस्कृति और शक्ति का संगम

खड़्ग धारिणी गरबा केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि मातृशक्ति के सामूहिक स्वरूप और शक्ति साधना का प्रतीक बन चुका है। मां अंबे की आराधना के माध्यम से भारतीय परंपरा, संस्कृति और शक्ति स्वरूपा स्त्री का महत्व पूरे समाज के समक्ष उजागर हुआ।

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