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नक्सलवाद से मुक्ति अब बीजापुर में बिछ रहा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व पुल-पुलियों का जाल

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Liberation from Naxalism: A network of roads and bridges under the Pradhan Mantri Gramin Sadak Yojana is now being laid across Bijapur.

इंद्रावती नेशनल पार्क तक पहुंच रही कनेक्टिविटी

Ro.No - 13759/40

बीजापुर@ रामचन्द्रम एरोला – बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के साथ ही अब विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ ली है। वर्षों तक नक्सल प्रभावित रहे अंदरूनी इलाकों और इंद्रावती नेशनल पार्क जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी अब सड़क, पुल-पुलियों और कनेक्टिविटी का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
जिला प्रशासन और सरकार ने मिलकर यह संकल्प लिया है कि आगामी बारिश से पहले अधिकतम गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ा जाए। इस दिशा में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरुआती तौर पर एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है, जिसके तहत सुदूर क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
सुरक्षा बलों की निगरानी में लगातार सड़क निर्माण और पुल-पुलियों का कार्य हो रहा है। पहले जहां इन इलाकों में जाना भी जोखिम भरा था, वहीं अब जनप्रतिनिधियों की आवाजाही भी बढ़ी है। पीछले दिनों भाजपा के बड़े नेता पूर्व मंत्री महेश गगडा, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट , विधायक कांग्रेस और अन्य जनप्रतिनिधि लगातार उन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माने जाते थे। इससे ग्रामीणों में भरोसा बढ़ रहा है और विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है।
हालांकि, एक ओर जहां तेजी से काम हो रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की खबरें भी सामने आ रही हैं तो सुधार भी हो रहा। इसके बावजूद प्रशासन ने बारिश से पहले कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है, ताकि अब तक की गई मेहनत बेकार न जाए और मुख्यालय से किसी भी क्षेत्र का संपर्क न कटे।
हाल ही में हुई बैठक में प्रशासन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें।
नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बीजापुर में कनेक्टिविटी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। यदि बारिश से पहले यह लक्ष्य पूरा होता है, तो जिले के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।
यह बदलाव न केवल बीजापुर, बल्कि पूरे बस्तर के लिए विकास की नई उम्मीद लेकर आया है।

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