पुसौर
प्रषासनिक कसावट का हवाला देकर नगर पंचायत पुसौर में इस पंच वर्शीय में आधे दर्जन से अधिक सीएमओ का स्थानातरण एवं पदस्थापना होने का तथ्य सामने आया है और तथाकथित रूप से अब यहां से सीएमओ क्षितिज सिंह का स्थानांतरण भी हो गया है क्या प्रषासनिक कसावट केवल सीएमओ के द्वारा ही लाया जा सकता है, अन्य कार्यालयीन स्टाफ से नहीं? ये सवाल लोगों के जेहन में बार बार इसलिये उठ रहे हैं चूंकि सालों से यहां अंगद की तरह कर्मचारी पैर जमाये हुये हैं। जानकारों की माने तो नगर पंचायत का चुनाव करीब है और अगर इस स्थानांतरण को चुस्त दुरूस्त और निश्पक्ष चुनाव कराये जाने से जोड कर देखें तो फिर सवाल उठता है कि कुण्डली मार कर बैठे उन कर्मचारियों की बदली क्यों नहीं हुई जिनके जमे रहने से निर्वाचन प्रकिया निसंदेह प्रभावित होगी क्योंकि इन्हीं के द्वारा तमाम सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन संदेहों के दायरे में है। भाई भतीजावाद और अपनेपन से ग्रसित इनकी संदिग्ध गतिविधियां किसी से छिपी नहीं है वहीं पीएम आवास की बात करें तो कमानीदार खबर को सीधा करके देखना पडेगा जिसमें जरूरतमंदों को लटका कर रखा गया है और जिसे दिया गया है उनमें ऐसे परिवार भी हैं जिन्हें दो तीन नहीं बल्कि चार चार पीएम आवास आबंटित है। आधु अधुरे निर्माण कार्य को छोड दे ंतो भी कई प्रस्तावित निर्माण कार्य अनिष्चित काल के लिये लंबित है ऐसे में बडे पैमाने पर फेर बदल करने लोगों में चर्चा है।



