बीजापुर@छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी गतिविधियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों द्वारा संचालित संयुक्त अभियान में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के ज्वाइंट एक्शन प्लान के अंतर्गत हुई, जिसका उद्देश्य माओवादी नेटवर्क को समूल नष्ट करना और प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है।
21 अप्रैल से 11 मई 2025 के बीच बीजापुर-मुलुगू सीमा पर स्थित दुर्गम करेगुट्टालू पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान को अब तक का सबसे व्यापक माओवादी विरोधी ऑपरेशन माना जा रहा है। करेगुट्टालू पहाड़ी, जो लगभग 60 किलोमीटर लंबी और 20 किलोमीटर चौड़ी है, माओवादियों का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। सुरक्षा बलों को यहां माओवादियों की पीएलजीए बटालियन, तेलंगाना स्टेट कमेटी और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी इकाइयों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी।
इस अभियान में 21 मुठभेड़ों के दौरान 16 महिला माओवादियों सहित कुल 31 वर्दीधारी माओवादी ढेर किए गए। साथ ही 35 हथियार, 450 आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कार्डेक्स और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। 216 माओवादी बंकर और ठिकानों को ध्वस्त किया गया। सुरक्षा बलों ने चार तकनीकी इकाइयों और चार लेथ मशीनों को भी नष्ट किया, जिनका उपयोग हथियार और आईईडी बनाने में किया जाता था।
इस दौरान हुए कई आईईडी विस्फोटों में कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के 18 जवान घायल हुए, जिनका समुचित इलाज चल रहा है। अत्यधिक गर्मी और दुर्गम भू-भाग के बावजूद सुरक्षाबलों ने अभियान को ऊंचे मनोबल के साथ अंजाम दिया।
राज्य सरकार के अनुसार, 2025 में अब तक राज्य भर में कुल 174 हार्डकोर माओवादी मारे जा चुके हैं। माओवादियों की संगठित इकाइयाँ अब छोटे-छोटे गुटों में बिखर चुकी हैं। सुरक्षा बलों की पकड़ बीजापुर, नारायणपुर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर मजबूत हो रही है।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान न केवल माओवादी नेटवर्क को तोड़ने में सफल रहा है, बल्कि इससे आम जनता में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। आने वाले समय में यह कार्रवाई और अधिक आक्रामक रूप से जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र को माओवाद मुक्त बनाकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सके।




