जांजगीर-चांपा।
17 अप्रैल, जो देश की आधी आबादी—महिलाओं—के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन सकता था, वह “काला दिन” साबित हुआ। यह बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता इंजीनियर रवि पांडेय ने कही। वे लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल) के गिरने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
रवि पांडेय ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस घटना ने उनकी “महिला विरोधी मानसिकता” को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध के चलते यह बिल 52 मतों से गिर गया, जिससे देश की महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से वंचित होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं इस फैसले का जवाब देंगी और “52 वर्षों तक विपक्षी दलों को सबक सिखाएंगी।” पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि बिल गिरने के बाद विपक्ष द्वारा उत्सव मनाना उनकी “संकीर्ण सोच” को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि विपक्ष के रवैये के कारण न केवल महिला आरक्षण प्रभावित हुआ है, बल्कि देश को परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से भी दूर रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को महिलाओं के व्यापक विरोध का सामना करना पड़ेगा।



