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मोदी और पुतिन की दोस्ती देख बदल गए अमेरिका के सुर, ‘भारत रुकवा सकता है रूस और यूक्रेन के बीच जंग’,

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Seeing the friendship between Modi and Putin, America’s tone changed, ‘India can stop the war between Russia and Ukraine’

नई दिल्ली: पीएम मोदी का सफल रूस दौरा संपन्न हो गया. अब वह ऑस्ट्रिया में हैं. पीएम मोदी के रूस दौरे पर अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजर थी. रूस-यूक्रेन जंग के बाद पहली बार पीएम मोदी रूस के दौरे पर गए. इस दौरान पीएम मोदी और पुतिन की वही पुरानी दोस्ती दिखी. अब तो अमेरिका भी मोदी और पुतिन की दोस्ती का लोहा मानने लगा है. अमेरिका को भी यकीन है कि केवल भारत ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन जंग खत्म करने के लिए मना सकता है. जी हां, पीएम मोदी के रूस दौरे के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया आई है. अमेरिका ने कहा है कि रूस के साथ भारत के अच्छे रिश्ते हैं. इसी रिश्ते की वजह से भारत के पास रूसी राष्ट्रपति पुतिन से यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने को कहने की क्षमता है.

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पीएम मोदी की रूस यात्रा पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरिन जीन-पियरे ने आधिकारिक बयान दिया. इसमें उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के रिश्ते उसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने का आग्रह करने की क्षमता देते हैं. व्हाइट हाउस प्रवक्ता जीन-पियरे ने यह टिप्पणी उस समय की, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि मासूम बच्चों की मौत दर्दनाक और भयावह है. यह घटना यूक्रेन की राजधानी कीव में बच्चों के अस्पताल पर हुए घातक हमले के एक दिन बाद हुई. इसे लेकर पुतिन की चहुंओर आलोचना हुई.

युद्ध को रोकने के लिए रूस को मना सकता है भारत: अमेरिका

इस युद्ध में अमेरिका खुलकर यूक्रेन के साथ खड़ा है। पीएम मोदी की रूस यात्रा पर अमेरिका की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका का मानना है कि रूस और भारत के अच्छे संबंध की वजह से इस युद्ध पर लगाम लगाया जा सकता है।

अमेरिका और भारत एक रणनीतिक भागीदार: कैरिन जीन-पियरे

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे से जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक रणनीतिक भागीदार हैं। दोनों देशों के बीच हर मुद्दों पर स्पष्ट बातचीत होती है। यूक्रेन की बात आती है तो भारत सहित सभी देश स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों का समर्थन करते हैं।
कैरिन जीन-पियरे ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि भारत के पास ये क्षमता है कि वो रूस से बातचीत कर युद्ध को रुकवा सकता है। हालांकि, युद्ध को रोकने का आखिरी राष्ट्रपति पुतिन का है। राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध शुरू किया, और वह युद्ध समाप्त कर सकते हैं।”

युद्ध के मैदान में शांति वार्ता सफल नहीं हो सकती: पीएम मोदी

बता दें कि भारत-रूस के बीच मंगलवार को हुए 22वें शिखर सम्मेलन समारोह में पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाया। शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि जब युद्ध में मासूम बच्चों की मौत होती है तो हृदय छलनी हो जाता है और यह दर्द बहुत भयानक होता है। पुतिन को मोदी का साफ संदेश था कि बम, बंदूक और युद्ध के मैदान में शांति वार्ता सफल नहीं हो सकती।

यूक्रेन जंग पर पुतिन को मोदी का साफ संदेश

दरअसल, यूक्रेन-रूस जंग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुतिन को स्पष्ट संदेश दिया है. पीएम मोदी ने मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्धक्षेत्र में संभव नहीं है. बम, बंदूकों और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती. पुतिन के साथ वार्ता से पहले रपीएम मोदी ने यूक्रेन में बच्चों के एक अस्पताल पर बम हमले का जिक्र किया था और कहा था कि बेगुनाह बच्चों की मौत हृदय-विदारक और बहुत पीड़ादायी है. बता दें कि एक दिन पहले ही कीव में बच्चों के एक अस्पताल पर एक संदिग्ध रूसी मिसाइल से हमला किया गया, जिस पर वैश्विक स्तर पर नाराजगी जताई गई है.

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में कहा, ‘युद्ध हो, संघर्ष हो या आतंकवादी हमले हों, अगर लोगों की जान जाती है तो मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति दुखी होता है. उस पर भी यदि बेगुनाह बच्चों की हत्या हो, जब हम निर्दोष बच्चों को मरते हुए देखते हैं तो यह हृदय-विदारक और बहुत पीड़ादायी होता है. जब हम ऐसा दर्द महसूस करते हैं तो कलेजा फट जाता है. मुझे कल आपके साथ इन मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर मिला था.’ पीएम मोदी ने सोमवार रात पुतिन के साथ निजी बैठक में हुई अपनी विस्तृत अनौपचारिक बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि संवाद ही समाधान का एकमात्र रास्ता है.

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