लैलूंगा ब्लॉक के खैरबहाल गांव में जैविक खेती से जमीन की महक देश प्रदेश में
लैलूंगा, केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयास मे अनेक योजनाओं का संचालन कर रहे है इसी दिशा मे खैरबहाल लैलूंगा के युवा किसान भवानी पंडा विगत 2015 से देशी बीज संग्रहण का कार्य कर रहा है अभी तक 76 किस्मो को इन्होने संग्रहित कर लिए है और इनकी सोच है की लैलूंगा मे देशी धान का कम से कम 1000किस्मो का एक देशी धान का बीज बैंक स्थापना करना है किसान का सोच है की उत्पादन लालच मे किसान जैविक खेती को छोडकर रासायनिक खेती कर रहे है रासायनिक खेती से मनुष्य के शरीर को तो नुकसान हो रहा है सांथ सांथ पर्यावरण को भी बहुत नुकसान हो रहा है इससे हमारे अनाज देने वाले धरती माता दुषित हो रहा है इसी दिसा मे युवा किसान भवानी पंडा ने देशी धान का बीज संरक्षण कर के लैलूंगा की सुप्रसिद्ध जवफूल चावल का जैविक विधि से खेती कर रहे है इनकी चावल की गुणवत्ता आज विश्व के सुप्रसिद्ध जैविक खेती के गुरुजी श्री ताराचंद बेलजी द्वारा इनके जमीन व इनके चावल को ग्राम छर्राटांगर घरघोडा मे एक कार्यशाला मे इनकी जैवविविधता को प्रमाणित कर दिए है जिसमे लैलूंगा के किसानों मे बहुत खुशी हो रही है जिससे आने वाले खरीफ सीजन मे लैलूंगा मे जवफूल चावल की रकबा बहुत बढने की संभावना है और किसान खुशहाल होगे सांथ सांथ चावल खाने वाले भी निरोगी रहेगे सांथ मे किसानों को एक अच्छा आय का संसाधन बनेगा।जवफूल चावल की मांगा आज भारते के सभी राज्यों से मांग हो रहा है मांग को देखते हुए किसानों के आय वृद्धि के लिए रायगढ़ जिले के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी जी भी लैलूंगा मे जवफूल चावल की खेती के लिए रकबा बढाने के लिए प्रेरीत कर रहे है। सांथ मे लैलूंगा के किसानों का जवफूल चावल को बेचने के लिए SADO श्री लोभन सारथी किसानों को अच्छा बाजार उपलब्ध करा रहे है और अधिक से अधिक किसानों को जवफूल के लिए रात



