*भगवान दास की रिपोर्ट*
*रायपुर/भरतपुर–सोनहत* । विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल के दौरान भरतपुर–सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने अपने क्षेत्र के मोबाइल नेटवर्क विहीन गांवों की गंभीर समस्या को पूरी मजबूती और संवेदनशीलता के साथ सदन के समक्ष उठाया। उन्होंने इसे केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि मानवीय संकट बताते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
*भौगोलिक दृष्टि से बड़ा है भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र*
विधायक रेणुका सिंह ने सदन को अवगत कराया कि भरतपुर–सोनहत विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है, जो दो जिलों—एमसीबी और कोरिया में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में 190 पंचायतों के अंतर्गत लगभग 410 गांव आते हैं, जिनमें से आज भी 125 गांव मोबाइल नेटवर्क सुविधा से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें एमसीबी जिले के 93 और कोरिया जिले के 32 गांव ऐसे हैं, जहां आज भी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है।
*कोरिया जिला के दसेर गांव का किया जिक्र*
उन्होंने कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे ग्राम दसेर का उदाहरण देते हुए बताया कि यह गांव पूरी तरह मोबाइल नेटवर्क विहीन है और सोनहत मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। विधायक ने कहा कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, दुर्घटना होती है या आपात स्थिति बनती है, तो ग्रामीणों को पहले 50 किलोमीटर से अधिक दूरी बाइक से तय करनी पड़ती है, उसके बाद ही एम्बुलेंस या अन्य साधनों की व्यवस्था संभव हो पाती है।
तमोर पिंगला अभ्यारण्य क्षेत्र से लगे होने के कारण वन्यजीवों से होने वाली घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
विधायक रेणुका सिंह ने सदन में यह भी बताया कि उन्होंने 22 अप्रैल को भारत सरकार के संचार मंत्री को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यानाकर्षण कराया था। इसके पश्चात 29 अप्रैल को संचार मंत्रालय से प्राप्त जवाब में बताया गया कि 125 नेटवर्क विहीन गांवों में से 84 गांवों को प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बैगा जनजाति की जनसंख्या बड़ी संख्या में निवास करती है, और जहां-जहां यह जनजाति निवासरत है, वहां प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली एवं मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
विधायक ने सरकार से मांग की कि शेष नेटवर्क विहीन गांवों में भी शीघ्र मोबाइल टावर स्थापित किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को संचार सुविधा मिल सके और किसी भी आपात स्थिति में समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
भरतपुर–सोनहत क्षेत्र की जनता की पीड़ा को सदन तक पहुंचाकर विधायक रेणुका सिंह ने एक बार फिर स्वयं को संवेदनशील, जिम्मेदार और जमीनी स्तर से जुड़े जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया।


