Home Blog सारी बाधाओं को दूर करके मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक...

सारी बाधाओं को दूर करके मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे-लता उसेंडी

0

कांकेर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव लता उसेंडी ने नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस समेत इण्डी गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा है।
सुश्री लता उसेंडी ने आज भाजपा कार्यालय कमल सदन कांकेर में आहूत एक महती पत्रकार वार्ता में कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। सुश्री उसेंडी के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन, विधायक आशा राम नेताम, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रूखमणी उइके भी उपस्थित रही ।

विधायक लता उसेंडी ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई।16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अड़ियल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई।
सुश्री उसेंडी ने कहा कि हमारे देश में नारी का स्थान पूजनीय रहा है। नारी की प्रखर मेधा का सम्मान करते हुए देश की राजनीति में हम महिलाओं को उनका अधिकार देकर सम्मानित करने जा रहे थे। लेकिन इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।

Ro.No - 13759/40

लता उसेंडी ने डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को पंचायतों में दिए गए 50 फीसदी आरक्षण सहित अन्य महिला उत्थान की संचालित की गई योजनाओं के साथ ही मौजूदा केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है।
सुश्री उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति पर चलकर पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की केवल बातें कर रही है, परंतु जब भी इस पर सार्थक पहल कर उसे कानून बनाने का वक्त आता है तब कांग्रेस के लोग मुँह फेर लेते हैं और यही चरित्र कांग्रेस ने इस बार भी प्रदर्शित किया है। परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति इण्डी गठबंधन को कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। श्री साय ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे।

पत्रकार वार्ता में सुमित्रा मारकोले, दिलीप जायसवाल, राजा देवनानी, बृजमोहन तिवारी, विजय लक्ष्मी कौशिक, उमा देवी शर्मा, अरुण कौशिक, उत्तम यादव, मीरा सलाम, निधि संचेती, अंजू नेगी, उगेश्वरी उइके, शकुंतला जैन सहित अन्य कार्यकर्त्ता उपस्थित रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here