On May 01, on the occasion of Labor Day, the Health Building was cordoned off
समय पर वेतन न मिलने सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर
कांकेर। एन.एच.एम अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्तमान में 16 हजार कर्मचारी अपनी सेवा राज्य की आम जनता को प्रदान कर रहे हैं। राज्य में लंबे अरसे से एन.एच.एम कर्मचारियों द्वारा संविलियन सहित क्लीनिकल तथा मैनेजमेंट दोनों ही वर्ग हेतु पब्लिक हेल्थ कैडर की मांग की जाती रही है इसके साथ ही ग्रेड पे, सी आर व्यवस्था में सुधार, ट्रांसफर नीति निर्माण, अनुकम्पा नियुक्ति, दुर्घटना राशि में वृृद्धि, मेडिकल अवकाश, ईपीएफ आदि को लेकर लगातार संघ द्वारा ज्ञापन विगत कई वर्षों से दी जा रही है किन्तु आज पर्यन्त तक इस पर कुछ भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई जबकि मणिपुर में एन.एच.एम कर्मियों को नियमितीकरण किया गया है तमिलनाडु में समयबद्ध रूप से नियमितीकरण हो जाता है। यह भी अत्यंत दुःखद की बात है कि जुलाई 2023 में छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्रदेश के एन.एच.एम कर्मियों को आज तक अप्राप्त है, जबकि अन्य कई विभागों को यह प्रदाय किया गया है। सामाजिक आर्थिक असुरक्षा से पीड़ित प्रदेश के एन.एच.एम कर्मियों का दर्द तब और बढ़ जाता है जब बहुतायत जिलों में मार्च माह का वेतन नहीं आया जबकि अप्रैल माह भी खत्म होने को है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है पूर्व में भी यह हो चुका है जिस संबंध में एन.एच.एम संघ द्वारा दिनांक-25.07.2024 को पत्र प्रेषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 20 वर्ष हो चुके हैं इसके बाद भी छत्तीसगढ़ प्रदेश के एनएचएम कर्मचारी की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। जबकि कई राज्यों में हम नियमितीकरण, बेहत्तर सेवा शर्तें, नौकरी की सुरक्षा जैसे प्रावधान एन.एच.एम. कर्मचारियों के उपर लागू होते हुए अपनी आंखों से देख रहे है परन्तु आज में डबल इंजन की सरकार होते हुए भी हम नियमितीकरण तो दूर समय पर वेतन से वंचित है। सरकारें बदल गई किन्तु हमारी स्थिति में सुधार नहीं आया। प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य जी को प्रशासन भ्रामक जानकारी देता है कि वेतन प्राप्त हो चुका है और वह मीडिया में यह बयान देते हैं। हमारे चुने हुए प्रतिनिधि से हम आशा करते है कि वह हमारा दर्द समझे जो कि, नहीं हुआ। इस सरकार के कार्यकाल में अब तक 50 से अधिक ज्ञापन निवेदन किया जा चुका है पर हालात और भी बुरे हो गए हैं परिवार की लालन-पालन भी दुरूह हो चुका है । इस कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ ने यह तय किया गया है कि वेतन न मिलने तथा अपनी मांगों के लिए स्वास्थ्य भवन का घेराव किया जाएगा।
एन.एच.एम इकाई कांकेर के अध्यक्ष दीपक वर्मा एवं आकाश ठाकुर ने बताया कि वेतन न मिलने पर स्थिति यह हो गई कि कर्मचारियों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। बच्चों की परवरिश, रोज मर्रा की जरूरत, कई प्रकार के लोन का भुगतान ये कुछ ऐसे तत्व है जिनसें वेतन न मिलने पर एन.एच.एम कर्मी दबाव और हताश है। शासन के इस उपेक्षा पूर्ण व्यवहार से हताश होकर संघ ने तय किया है कि शासन स्तर पर अपनी पीड़ा जाहिर करने हेतु लोकतांत्रित गतिविधि अंतर्गत दिनांक 01 मई 2025 ‘‘विश्व मजदूर दिवस’’ के अवसर पर स्वास्थ्य भवन का घेराव किया जाएगा।



