What was said on stopping the worship in Vyas basement of Gyanvapi Masjid complex?
सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के व्यास तहखाने में हिंदुओं की पूजा पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में हिंदू और मुस्लिम दोनों के धार्मिक अनुष्ठानों पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। इसका मतलब तहखाने में पूजा और मस्जिद में नमाज जारी रहेंगी। पूजा की अनुमति देने वाले हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।
आज सुनवाई के दौरान मस्जिद समिति के वकील हुजेफा अहमद ने पूजा की अनुमति देने के वाराणसी कोर्ट के फैसले और इसे बरकरार रखने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 30 साल से तहखाने में कोई पूजा नहीं हो रही थी और ऐसी कोई तात्कालिकता नहीं थी कि केवल मौखिक आवेदन के जरिए तहखाने को सौंपा गया। उन्होंने यह भी कहा कि आदेश तहखाने को सौंपनें का था, लेकिन इसमें पूजा हो रही है।
पूरी प्रक्रिया पर चिंता जाहिर करते हुए वरिष्ठ वकील अहमद ने कहा कि धीरे-धीरे टुकड़ों में मुस्लिम पक्ष मस्जिद के विभिन्न हिस्सों को खो रहा है, पहले वजूखाने के हिस्से को सील कर दिया गया था, जिससे मुस्लिम इस तक नहीं पहुंच सकते और फिर तहखाने को ले लिया गया। उन्होंने कहा कि अब ऐसे भी आवेदन हैं, जो पूरे मस्जिद परिसर में नमाज रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहखाने में कोई मूर्ति/मंदिर नहीं मिला था।
ज्ञानवापी मस्जिद कमिटी ने किस आधार पर दी थी फैसले को चुनौती?
ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा के खिलाफ मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि निचली अदालत ने आदेश लागू करने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया, लेकिन सरकार ने उसे तुरंत लागू कर दिया. हाई कोर्ट ने भी हमें राहत नहीं दी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के व्यास तहखाने में पूजा पर तुरंत रोक लगाई जाए.
सीजेआई चंद्रचूड़ ने व्यास तहखाने में पूजा रोकने पर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘तहखाने का प्रवेश दक्षिण से और मस्जिद का उत्तर से है. दोनों एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करते हैं. हम यह आदेश दे सकते हैं कि फिलहाल पूजा और नमाज दोनों अपनी-अपनी जगह जारी रहें.’
सुनवाई में व्यास परिवार के वकील श्याम दीवान ने औपचारिक नोटिस जारी करने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि अभी निचली अदालतों में मामले का पूरी तरह निपटारा नहीं हुआ है. इस समय सुप्रीम कोर्ट के दखल की जरूरत नहीं है. हालांकि, इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंची मस्जिद कमिटी
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद के दक्षिणी तहखाने में हिंदुओं को पूजा की अनुमति देने वाले निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा गया. कमिटी वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के मामलों का प्रबंधन करती है. निचली अदालत ने 31 जनवरी को अपने आदेश में हिंदुओं को तहखाने में पूजा करने की इजाजत दी थी.


