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2019 में तेजस्वी सूर्या ने खुद के पास कुल 13.47 रुपये की संपत्ति होने का जिक्र किया था पिछले पांच साल में तेजस्वी सूर्या की संपत्ति में 30 गुना की बढ़ाेतरी हुई है। जानिए कैसे

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In 2019, Tejasvi Surya had mentioned that he had total assets worth Rs 13.47. In the last five years, Tejasvi Surya’s assets have increased 30 times. know how

लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है. सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावों की तैयारी में लग गई हैं. इस बीच गुरुवार (4 अप्रैल) को 183 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया. इनमें केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी और राजीव चंद्रशेखर जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं.
वहीं, बीजेपी नेता तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु साउथ से पर्चा दाखिल किया. तेस्वी सूर्या के नामांकन के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मौजूद रहे. सूर्या ने अपने हलफनामे में कुल संपत्ति 4.10 करोड़ रुपये घोषित की. बीजेपी सांसदबताया कि उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है.

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पेशे से वकील हैं सूर्या

सूर्या बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के पूर्व छात्र और कर्नाटक हाई कोर्ट में वकील हैं. वह बीजेपी नेता और बसवनगुड़ी के विधायक रवि सुब्रमण्यम के भतीजे हैं. वह बेंगलुरु साउथ से मौजूदा सांसद हैं. उन्होंने 2019 में कांग्रेस उम्मीदवार हरिप्रसाद को तीन लाख से ज्यादा मतों से शिकस्त दी थी.

कर्नाटक में कब होंगे चुनाव?

चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार देशभर में 7 चरण में चुनाव होगा. पहले चरण के लिए 19 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि सांतवें और अंतिम चरण के लिए 1 जून को मतदान होगा. वहीं अगर बात करें कर्नाटक की तो सूबे की 28 सीट के लिए दूसरे और तीसरे चरण में वोटिंग होगी.

दूसरे चरण में कर्नाटक की उडुपी-चिकमगलूर, हासन, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्ग, तुमकुर, मांड्या, मैसूर, चामराजनगर, बैंगलुरु ग्रामीण, बैंगलुरु उत्तर, बैंगलुरु सेंट्रल, बैंगलुरु दक्षिण, चिकबलपुर और कोलार की सीटो पर वोटिंग होगी. वहीं, तीसरे चरण के लिए चिकोडी, बेलगाम, बागलकोट, बीजापुर, गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, कोप्पल, बेल्लारी, हावेरी, धारवाड़, उत्तर कन्नड़, दावनगेर और शिमोगा की सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

तेजस्विनी नहीं तेजस्वी पर लगी थी मुहर

16 नवंबर, 1990 को कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में जन्में तेजस्वी सूर्या ने कानून की पढ़ाई की है। उनके पिता एल ए सूर्यनारायण एक्साइज डिपॉर्टमेंट में अफसर थे, तो वहीं तेजस्वी के चाचा जी राजनीति में, कहते हैं तेजस्वी बचपन से ही अपने चाचा से प्रभावित रहे। यही वजह रही है कि तेजस्वी सूर्या छात्र जीवन से ABVP से जुड़ गए। इससे उनके बोलने की क्षमता का विकास हुआ। 2018 में जब उन्होंने कर्नाटक विधानसभ चुनावों बीजेपी का चुनाव प्रचार किया तो पार्टी के नेताओं की नजर उन पर पड़ी। हालांकि उन्हें कर्नाटक चुनाव प्रचार का मौका भी एक विशेष वजह से मिला था। उन्होंने 2017 में मैंगलोर चलो रैली को सफल बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। इसी वजह से पहले विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक बने और फिर जब 2019 में बेंगलुरू साउथ से पार्टी के दिवंगत नेता अनंत कुमार की सीट पर टिकट देने की बारी आई तो तेजस्वी सूर्या के नाम का ऐलान हुआ। तब यह काफी चौंकाने वाला फैसला रहा था। कर्नाटक इकाई के नेताओं ने अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी अनंत कुमार के नाम को भेजा था, हालांकि बाद में तेजस्विनी ने हाईकमान के फैसले को स्वीकार किया था। तेजस्वी इसके चलते 28 साल की उम्र में सांसद बन गए थे।

संघ ने सुझाया था सूर्या का नाम

2019 में जब तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस नेता बी के हरिप्रसाद को हराकर अनंत कुमार की सीट पर कब्जा बरकरार रखा था तब बाद में यह सामने आया था कि आरएसएस ने उनका नाम सुझाव था। तब वह बीजेपी के युवा मोर्चे के जनरल सेक्रेटरी थे। उनके चाचा रवि सुब्रमान्या बासावानागुड़ी उस वक्त पर बीजेपी के विधायक थे। युवा सांसद बनने के बाद तेजस्वी सूर्या चार साल में देश और खासकर साउथ में बीजेपी का चमकीला चेहरा बन गए। तेजस्वी सूर्या न सिर्फ टेकसेवी हैं बल्कि विचारधारा के तौर पर उनमें स्पष्टता झलकती है। सूर्या के ऊपर इस बार कर्नाटक के साथ अन्य राज्य में युवाओं को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने का दायित्व है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने तेजस्वी सूर्या को घेरने के लिए सौम्या रेड्‌डी को मैदान में उतारा है। ऐसे में उनके सामने जीतने और जिताने की दोहरी चुनौती है।

कितनी है तेजस्वी सूर्या की नेटवर्थ

2019 में तेजस्वी सूर्या ने खुद के पास कुल 13.47 रुपये की संपत्ति होने का जिक्र किया था। तब उन्होंने बताया था कि उनके ऊपर कोई देनदारी नहीं है। पिछले पांच साल में तेजस्वी सूर्या की संपत्ति में 30 गुना की बढ़ाेतरी हुई है। उनकी कुल संपत्ति अब 2019 के 13.46 लाख रुपये से बढ़कर 4.10 करोड़ रुपये हो गई है। सूर्या के हलफनामे के अनुसार उनकी आय में वृद्धि का मुख्य स्रोत म्यूचुअल फंड और शेयरों में निवेश है। तेजस्वी सूर्या ने 18 साल की उम्र में समाज सेवा में कदम रखा था। उन्होंने 2008 अराइस इंडिया नाम से एक एनजीओ बनाया था। इसके जरिए वे ग्रामीण विकास के कामों में अपना योगदान देते थे। तेजस्वी सर्या 2019 में पार्टी लोकसभा के सदस्य बने और फिर इसे बाद पार्टी ने उन्हें 26 सितंबर, 2020 को युवा मोर्चा की कमान सौंपी। तेजस्वी सूर्या का पूरा नाम लक्ष्य सूर्यनारायण तेजस्वी सूर्या है। उनके पिता का नाम एल. ए. सूर्यनारायण और मां का नाम रमा है।

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