14 factories in India, business spread to 50 countries, managing her husband’s Rs 97,000 crore company, the fourth richest woman in the country
हर साल देश-विदेश की बड़ी मैगजीन दुनियाभर के अरबपतियों की लिस्ट जारी करती है. इनमें ज्यादातर नाम पुरुष उद्योगपतियों के रहते हैं. हालांकि, पैसा कमाने और कंपनी संभालने के मामले में महिलाएं भी कम नहीं है. आपने भारत की 10 अमीर महिलाओं के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप देश की चौथी सबसे अमीर महिला के बारे में जानते हैं. पहले नंबर पर सावित्री जिंदल, दूसरे नंबर रोहिका सायरस मिस्त्री और तीसरे नंबर रेखा झुनझुनवाला हैं.
8000 करोड़ संपत्ति, 23,000 करोड़ की कंपनी, अब 80 साल की उम्र में मिली दुनिया के रईसों में जगह, जानिए कौन हैं ये 97,000 करोड़ की कंपनी के मालकिन विनोद राय गुप्ता, देश की दिग्गज इलेक्ट्रिक सामान बनाने वाली कंपनी हैवेल्स की मालकिन हैं. उन्हें यह विशाल व्यापारिक साम्राज्य अपने दिवंगत पति से मिला. कीमत राय गुप्ता ने 1958 में एक इलेक्ट्रिकल ट्रेडिंग व्यवसाय के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद 1971 में उन्होंने दिल्ली के एक व्यापारी से ‘हैवेल्स’ ब्रांड खरीदा था.
97,000 करोड़ की कंपनी के मालकिन
विनोद राय गुप्ता, देश की दिग्गज इलेक्ट्रिक सामान बनाने वाली कंपनी हैवेल्स की मालकिन हैं. उन्हें यह विशाल व्यापारिक साम्राज्य अपने दिवंगत पति से मिला. कीमत राय गुप्ता ने 1958 में एक इलेक्ट्रिकल ट्रेडिंग व्यवसाय के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद 1971 में उन्होंने दिल्ली के एक व्यापारी से ‘हैवेल्स’ ब्रांड खरीदा था. फिलहाल, विनोद राय गुप्ता के बेटे अनिल राय गुप्ता के हाथों में हैवेल्स इंडिया की कमान है. वे कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.
35,000 करोड़ की संपत्ति
अंतरराष्ट्रीय मैगजीन फोर्ब्स की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, 78 वर्षीय विनोद राय गुप्ता की कुल संपत्ति 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 35,000 करोड़ से ज्यादा है और इस आंकड़े के साथ वे भारत की चौथी सबसे अमीर महिला हैं. वहीं, उनकी कंपनी हैवेल्स इंडिया का मार्केट कैपिटलाइजेशन वर्तमान में 97,000 करोड़ रुपये है.
हैवेल्स की स्थापना एक इलेक्ट्रिकल्स ट्रेडिंग व्यवसाय के रूप में की गई थी. कंपनी पंखे, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और वाशिंग मशीन समेत कई इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स बनाती है. देशभर में हैवेल्स की 14 फैक्ट्री हैं और इसके प्रोडक्ट्स 50 से ज्यादा देशों में बेचे जाते हैं.



