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कलेक्ट्रेट पहुंचा कर्रेगुट्टा नीचे कोत्तापल्ली का दर्द, ग्रामीण बोले— अब तो सुनिए सरकार

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सड़क-बिजली सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिले के सुदूर एवं अतिसंवेदनशील उसूर विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम कोत्तापल्ली (ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर) के ग्रामीण वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों के अनुसार गांव से बीजापुर जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 82 किलोमीटर है। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण 9 जून को गांव से निकले और लंबी यात्रा के बाद शाम को बीजापुर पहुंचे। रात में रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां रुकने के बाद अगले दिन कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर विश्वदीप से मुलाकात की तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

सड़क और बिजली के अभाव में परेशान ग्रामीण

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम कोत्तापल्ली जिले के अंतिम छोर पर स्थित है। क्षेत्र में वर्षों से सड़क एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को प्रति माह राशन एवं दैनिक उपयोग की सामग्री लेने के लिए आवापल्ली अथवा तेलंगाना जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में आवागमन और भी कठिन हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और बिजली नहीं होने से शासन की अनेक योजनाओं का लाभ गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से गांव में शीघ्र सड़क एवं बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पहुंचीं ग्रामीणों से मिलने

ग्रामीणों के कलेक्ट्रेट पहुंचने की जानकारी मिलने पर जानकी कोरसा भी ग्रामीणों से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचीं। ग्रामीणों से चर्चा के बाद उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में बिजली सुविधा के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा।

“आजादी के इतने वर्षों बाद भी विकास से वंचित”

 

वहीं दूसरी ओर कर्रेगुट्टा पहुंच हीन क्षेत्र पहुंच पहुंच गया प्रशासन कोत्तापल्ली आख़िर पहुंच क्यों नहीं पा रहा है।

गांव के पूर्व शिक्षक मज्जी धमोदर ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव विकास की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य क्षेत्रों में विकास कार्य पहुंच चुके हैं, तो कोत्तापल्ली अब तक सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं से क्यों वंचित है।

महिला ग्रामीणों ने बताई पीड़ा

ग्रामीण महिला सवंती मज्जी ने बताया कि गांव में न तो अच्छी सड़क है और न ही नियमित रूप से अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती। इससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन से बड़ी उम्मीद

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम कोत्तापल्ली में सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि गांव के लोग भी शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके। कलेक्टर द्वारा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान अब संभव हो सकेगा।

 

धमोदर मज्जी , नागेश मज्जी,स्वामी वासम, जगपति मज्जी, रमेश मज्जी, गजेन्द्र झाड़ी, सर्वेश इरपा, रगुत हनमैया, मज्जी नागर्जून, बीरा नारायाण, जगन‌ मज्जी, सागर एटटी, कलूर तिरुपति अम्मा, सुटटी विनोद, सुशीला, कलूर सीता, दूधी जयराम, मडकम देवा, माडवी बैतूल, माडवी जोगा, बीरा पुष्पा, कलूर नरसिंह राव, मज्जी तिरूपतिअम्मा, मज्जी विजया, गौरराफ तिरुपति, बाडसे लालू इत्यादि मौजूद थे।

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